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डॉग की इस जांबाज प्रजाति से ITBP का खास नाता, K9 सुरक्षा दस्ते में 17 नए मेहमान आए

Rizwan Noor Khan

5 Nov, 2020

भारत तिब्बत सीमा पुलिस यानी ITBP के K9 सुरक्षा दस्ते में 17 नए मेहमानों का जोरदार स्वागत किजा रहा है। दरअसल, यह मेहमान कोई और नहीं बल्कि K9 डॉग स्क्वॉड की दो मदर डॉग वॉरियर्स के बच्चे हैं। K9 डॉग स्क्वॉड के ये 17 बच्चे इसलिए खास हैं क्योंकि ये जेनेटिकली टॉप क्लास की पॉवर से लैस हैं और इन्हें वो प्रशिक्षण दिया जाएगा जो दुनिया के किसी भी डॉग वॉरियर को नहीं मिलता।

Photo courtesy : Daily Mail

आईटीबीपी के डॉग स्क्वॉड ट्रेनिंग सेंटर में खुशी
हरियाणा के पंचकूला में स्थित आईटीबीपी के डॉग स्क्वॉड ट्रेनिंग सेंटर में इन दिनों खुशियों का माहौल है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक यहां बेल्जियन मेलीनॉइज ब्रीड (Belgian Malinois Dog Breed) की दो मदर डॉग वॉरियर्स ने 17 बच्चों को जन्म दिया है। खास खूबियों वाली प्रजाति के ये 17 पपी भी आगे चलकर डॉग वॉरियर स्क्वॉड का हिस्सा बनेंगे।

दो फीमेल डॉग वॉरियर ने जन्मे 17 बच्चे
ट्रेनिंग सेंटर में मेलीनॉइज ब्रीड की दो फीमेल डॉग वॉरियर ओल्गा और ओलेश्या ने 17 बच्चों को जन्म दिया है। मेल डॉग वॉरियर गाला से ओल्गा को 9 और ओलेश्या से 8 बच्चे हुए हैं। यह सभी 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच पैदा हुए हैं। ओल्गा, ओलेश्या और गाला डॉग का आईटीबीपी से खास रिश्ता है। ये तीनों डॉग वॉरियर्स अब ​तक अलग अलग ​अभियानों में कई लैंडमाइंस, बम और विस्फोटक सामग्री को ढूंढकर हजारों लोगों की जान बचा चुके हैं।

चीन सीमा पर दुर्गम इलाकों में इस्तेमाल
बेल्जियन मेलीनॉइज ब्रीड के डॉग वॉरियर्स का आईटीबीपी अलग अलग तरीके से सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करती है। इन डॉग्स को सीमावर्ती पहाड़ी इलाकों खासकर चाइना बॉर्डर और नेपाल से सटे दुर्गम और बर्फीले क्षेत्रों में पैट्रोलिंग के लिए तैनात किया जाता है। नक्सल गतिविधियों को रोकने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जाता है। विस्फोटक सुरंगे, बम निष्क्रिय करने और आदेश मिलते ही अटैक करने की गजब क्षमता इन डॉग वॉरियर्स को खास बनाती है।

जेनेटिकली टॉप क्लास की पॉवर से लैस
आईटीबी के डीआईजी वेटनरी सुधाकर नटराजन ने बताया कि ये 17 बच्चे जेनेटिकली टॉप क्लास की पॉवर रखते हैं। डॉग वॉरियर्स की खासियत के चलते आईटीबीपी को अन्य फोर्सेस से इनकी डिमांड मिल रही है। इन डॉग वॉरियर्स को प्रधानमंत्री के विशेष दौरों पर भी ​सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हाल ही में अटल टनल के उद्घाटन के मौके पर भी एंटी सबोटाज टीम के साथ ये डॉग वॉरियर्स मुस्तैदी से तैनात थे।

Image courtesy : ANI

अमेरिका और इजराइल में इस्तेमाल
अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को मार गिराने में इस नस्ल के डॉग स्क्वॉड का इस्तेमाल किया था। अमेरिका के अलावा इजराइल भी इस नस्ल के डॉग स्क्वॉड का इस्तेमाल करता है। लेकिन, भारत में इन डॉग वॉरियर्स को खास तरह की ट्रेनिंग दी जा रही है। भारत इन डॉग स्क्वॉड को एक टारगेट पर 4 की टीम में अटैक करना सिखा जा रहा है। अब इन 17 बच्चों को भी इसी तरह से ट्रेंड किया जाएगा।

भारत दे रहा डॉग स्क्वॉड को खास ट्रेनिंग
दुश्मन पर चार अलग अलग दिशाओं से हमला करने की कैनाइन रणनीति का उपयोग भारत के अलावा दुनिया में कभी नहीं किया गया है। इस रणनीति के तहत एक टारगेट पर 4 डॉग टीम बनकर अटैक करते हैं। ताकि, दुश्मन किसी भी हाल में बचकर निकल न सके। खास बात ये है कि ये डॉग स्क्वॉड मानव दुश्मन को जान से नहीं मारता बल्कि, उसे लाचार बना देता है। इन डॉग वॉरियर्स को पानी, बर्फ और आग से बच निकलने की ट्रेनिंग भी दी जा रही हैं।…NEXT

 

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