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फिल्म दिखाकर इनामी नक्सलियों को सरेंडर कराते हैं एसपी साहब, 90 दिनों में 150 ने छोड़ दी बंदूक

Rizwan Noor Khan

26 Oct, 2020

देश के कुछ हिस्सों में नक्स​ल गिरोह लोगों के जनजीवन को सुधारने और सामाजिक विकास कार्यों में बाधा बने हुए हैं। इनसे निपटने के लिए छत्तीसगड़ के एसपी अभिषेक पल्लव ने खास अभियान छेड़ रखा है। उन्होंने सोमवार को 32 नक्सलियों को बंदूक छोड़कर मुख्य धारा में लौटा दिया। उनके अभियान और खास अंदाज के चलते पिछले 3 महीनों के करीब 90 दिनों में 150 ईनामी और खूंखार नक्सली बंदूक छोड़कर सही रास्ते पर लौट आए हैं।

नक्स​लियों को सही रास्ते पर लाने के लिए बन रही फिल्म की शूटिंग के दौरान मौजूद एसपी अभिषेक पल्लव। Image courtesy : Naidunia

जून के बाद से बदल रहे दंतेवाड़ा के हालात
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक देश के अलग अलग राज्यों के करीब 50 से ज्यादा जिले नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गिने जाते हैं। इनमें छत्तीसगढ़ राज्य का दंतेवाड़ा जिला नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। यहां दशकों से नक्सली गिरोह स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाबलों के लिए मुसीबत बने रहे हैं। लेकिन, जून 2020 के बाद से दंतेवाड़ा के हालात बदले हैं और बड़ी संख्या में नक्सली बंदूक छोड़कर मुख्यधारा में लौटे हैं। इससे नक्सलियों की कमर टूट गई है।

सरेंडर करने वालों को मिल रहीं खास सुविधाएं
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक नक्सलियों को गलत रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए सरकार और प्रशासन ने लोन वराटू यानी घर वापस आईए अभियान चलाया है। इसके तहत नक्सलियों को दोबारा आम नागरिकों की तरह खुशहाल जीवन बिताने का मौका दिया जा रहा है। इसके तहत सरेंडर करने वाले नक्सलियों को सरकार नकद राशि, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य समेत कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

नक्सलियों के परिजनों को फिल्म दिखा रहे एसपी
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के एसपी अभिषेक पल्लव को नक्सलियों की बंदूक छुड़वाने के लिए सराहना मिल रही है। अभिषेक पल्लव नक्सलियों के परिजनों पर काफी असरदार साबित हुए हैं। अगस्त में उन्होंने 8 लाख के ईनामी नक्सली कमांडर मल्ला की बहन को प्रेरित कर भाई से रक्षाबंधन के दिन सरेंडर करवा दिया लिया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभिषेक पल्लव ने नक्सल प्रभावित इलाकों के लोगों को शॉर्ट फिल्में दिखानी शुरू की हैं। इससे लोगों को नक्सलियों के प्रलोभन से बचाने में मदद मिल रही है।

रक्षाबंधन के दिन सरेंडर करने वाला नक्सल कमांडर मल्ला अपनी बहन के साथ। Pic : ANI

फिल्म देख प्रेरित हो रहे आदिवासी और नक्सली
शार्ट फिल्म में कई छोटी-छोटी कहानियों को कई भागों में तैयार किया गया है। इसमें नक्सलियों द्वारा सड़क-पेड़ काटना, पुल उड़ाना, विस्फोटक लगाना, जवानों पर हमला, गांव के एक परिवार के एक बच्चे को अपने साथ ले जाना। आदिवासियों को विकास कार्यो से दूर रखना, जनहित में जुटे लोगों की हत्या करना जैसी घटनाओं को फिल्म में दिखाया गया है। इसके साथ ही सरेंडर के बाद नक्सलियों और उनके परिजनों की खुशहाल होती जिंदगी को भी दिखाया गया है।

3 महीने में 150 इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया
एसपी अभिषेक पल्लव की फिल्में देखकर नक्सली और उनके परिजन सही रास्ते पर लौट रहे हैं। एएनआई के मुताबिक 26 अक्टूबर को 32 नक्सलियों ने एसपी के सामने सरेंडर कर दिया। एसपी ने एएनआई को बताया कि 32 नक्सलियों में से 6 इनामी हैं। लोन वराटू (घर वापस आइए) अभियान के तहत पिछले 3 महीनों में 150 नक्सलियों ने समर्पण किया है। इनमें से 42 नक्सली इनामी हैं। उन्होंने कहा कि अभी 50-60 नक्सली और समर्पण करना चाहते हैं।…NEXT

 

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