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अश्लीलता से जोड़ी जाती रही मंटो की लेखनी, इन कहानियों को लेकर जाते रहे थे अदालत

हिंदी और उर्दू के साहित्य में कई महान लेखक हुए हैं। इनमें से एक नाम सआदत हसन मंटो (Saadat Hasan Manto) का है। मंटो का नाम हिंदी और उर्दू के उन लेखकों में शामिल है, जिसने कभी के डर से अपनी बात कहनी नहीं छोड़ी। सन 1912 में 11 मई (birth anniversary of Saadat Hasan Manto) को पंजाब के लुधियाना के समराला में सआदत हसन मंटो का जन्म हुआ था। मंटो ने कभी अपनी लेखनी की तारीफ नहीं की और वह बिना किसी शर्म के बेखौफ लिखते थे। मंटों ने अपनी कहानियों में वेश्याओं और औरतों का भी काफी जिक्र किया है।

Geetika Sharma
Geetika Sharma11 May, 2022
birth anniversary of Saadat Hasan Manto

कैसा रहा मंटो का जीवन-
पंजाब में जन्म होने के बाद मंटो का जीवन दिल्ली और मुंबई में बीता, लेकिन बंटवारे के बाद मंटो पाकिस्तान चले गए थे। मंटो का बाकी जीवन पाकिस्तान के लाहौर में बीता और वहां ही उन्होंने अपने जीवन के आखिरी पल बिताए। दरअसल मंटो की लेखनी (Manto writings) को लेकर समाज में कोई अच्छी छवि नहीं थी। यहां तक की मंटों को हमेशा से ही अश्लीलता से जोड़ा जाता रहा है। मंटो की कहानियों में हमेशा से ही सामाजिक कुरीतियों का सीधे तौर पर जिक्र हुआ है।

संघर्ष भरा रहा मंटो का जीवन-
साहित्य से लगाव रखने वाले लोगों के दिलों में मंटो के लिए खास जगह है। मंटो ने पत्रकारिता, सामाजिक मुद्दों, फिल्मों और रेडियो के भी लिखा है। हर क्षेत्र में मंटो ने अपनी लेखनी से वाहवाही बटोरी है, लेकिन इसके बावजूद मंटो का जीवन काफी संघर्ष भरा रहा है। मंटो को हमेशा ही पैसों की कमी का सामना करना पड़ा है। हालांकि अपनी बेबाक लेखनी के चलते मंटो को कई बार अदालत के चक्कर भी काटने पड़े हैं। मंटो की कहानी ठंडा गोश्त (short story Thanda Gosht) को लेकर पाकिस्तान में उन पर मुकदमा किया गया था।

Nawazuddin Siddiqui as Manto

हिंदी फिल्मों में मंटो का जिक्र-
दूसरी ओर भारतीय फिल्म जगत (Bollywood movies) भी समय-समय पर अपनी फिल्मों में मंटो का जिक्र किया है। बालीवुड की कई फिल्मों में मंटो का बड़े तौर पर जिक्र किया गया है। इसके साथ ही मंटो के जीवन (movies onSaadat Hasan Manto) पर खासतौर से एक अलग फिल्म भी बनाई गई है, जिसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui as Manto) ने मंटो (Movie Manto) की भूमिका निभाई है और फिल्म का नाम मंटो है। मंटो को जीते जी अपनी लेखनी को लेकर कभी कोई पुरस्कार नहीं दिया गया, लेकिन दुनिया को अलविदा कहने के बाद उन्हें कई पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मंटो ने अपनी जीवन में एक से बढ़कर एक रचनाएं लिखी। आइए मंटो के जीवन की 10 मशहूर कहानियों (top 10 stories of manto) और कविताओं (Manto Poems) के नाम जानते हैं।

  • बू,
  • धुआं,
  • ब्लाउज
  • खोल दो,
  • औरत जात,
  • नया कानून,
  • टोबा टेक सिंह,
  • काली सलवार,
  • ठंडा गोश्त
  • और ऊपर नीचे दरमिया

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