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कोरोना वैक्सीन से खतरनाक साइड इफेक्ट के बाद परीक्षण रद, WHO ने कहा- सुरक्षा है पहली प्राथमिकता

Rizwan Noor Khan

9 Sep, 2020

कोरोना महामारी को खत्म करने की दिशा में बन रही ब्रिटेन की वैक्सीन की उम्मीदों को झटका लगा है। दुनियाभर की वैक्सीन रेस में सबसे आगे चल रही वैक्सीन के गंभीर साइड इफेक्ट सामने आने के बाद इसके तीसरे चरण के ट्रायल्स रद्द कर दिए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि वैक्सीन बनाने में सबसे पहली प्राथमिकता सुरक्षा है।

आस्ट्राजेनेका वैक्सीन के ट्रायल्स रोके गए
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वैक्सीन बनाने की रेस में सबसे आगे चल रही आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और आस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल्स को रद्द कर दिया गया है। तीसरे चरण के परीक्षण के दौरान वैक्सीन के गंभीर साइड इफेक्ट सामने आने के कारण ऐसा किया गया है।

कुछ वालंटियर्स गंभीर बीमारी का शिकार हुए
वैक्सीन विकसित कर रही फार्मा कंपनी आस्ट्राजेनेका ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल्स के दौरान कुछ वालंटियर्स में गंभीर बीमारी होने के संकेत मिले हैं। वैक्सीन से हुए इस साइड इफेक्ट को अभी तक पहचाना नहीं जा सका है। वैक्सीन के परीक्षण को साइड इफेक्ट की जांच तक के लिए रोक दिया गया है।

बीमारी के पहचान तक नहीं होंगे आगे के परीक्षण
ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने कहा कि वैक्सीन के परीक्षण रोकने का निर्णय आस्ट्राजेनेका के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि असल में यह पहली बार नहीं है कि जब आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन के साथ ऐसा हुआ हो। वैक्सीन से उपजे दुष्प्रभाव की जांच जब तक पूरी नहीं हो जाती है तब तक परीक्षण रुके रह सकते हैं।

बड़े स्तर पर परीक्षण में दुष्प्रभाव का हमेशा खतरा
मैट हैनकॉक ने कहा कि जांच में दुष्प्रभाव का पता चलने के बाद वैक्सीन के तीसरे चरण परीक्षण फिर से शुरू किया जा सकता है। आस्ट्राजेनेका ने कहा कि वैक्सीन के बड़े स्तर पर परीक्षण के दौरान किसी भी तरह की बीमारी उभरने की आशंका हमेशा होती है। जरूरी यह है कि ऐसा होने पर स्वतंत्र रूप से उसकी समीक्षा की जाए। दुष्प्रभाव का पता चलने तक परीक्षण रुके रहेंगे।

WHO ने कहा- सुरक्षा है पहली प्राथमिकता
एस्ट्राजेनेका दुनियाभर की उन 9 कंपनियों में से एक है, जिनकी वैक्सीन का ट्रायल कई देशों में चल रहा है। आस्ट्राजेनेका वैक्सीन का परीक्षण ब्राजील और अफ्रीका के साथ ही भारत में भी सीरम इंस्टीट्यूट के जरिए किया जा रहा है। आस्ट्राजेनेका के परीक्षण रोके जाने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है वैक्सीन बनाने की दिशा में सबसे पहली प्रा​थमिकता सुरक्षा है।…NEXT

 

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