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पिता की हत्या के बाद नाबालिग ने किया वो काम जो होश उड़ा देगा, 5 महीने बाद मोबाइल से खुला राज

Rizwan Noor Khan

29 Oct, 2020

दुनिया भर में बदलते परिवेश के साथ ही पारिवारिक रिश्तों की अहमियत भी कम होती जा रही है। सहनशीलता कम होने से पिता और बेटे के रिश्ते भी खून में रंग जा रहे हैं। रिश्तों को तार तार करने वाली एक घटना ने रिश्तों के खोखले तानेबाने को समाज के सामने ला दिया है। दरअसल, एक नाबालिग बेटे ने अपने ही पिता की हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए वीभत्सता की हदें पार कर दीं। 5 महीने बाद राज खुला तो लोगों के होश उड़ गए।

Photo courtesy : Pixabay

मथुरा के इस्कॉन मंदिर के सेवादार की हत्या
मथुरा के मनोज मिश्रा अपनी पत्नी, 17 साल के बेटे और 11 साल की बेटी के साथ रहते थे। धार्मिक झुकाव के चलते वह स्थानीय इस्कॉन मंदिर में काम करते थे और समाजसेवा के लिए दान एकत्र करते थे। 2 मई 2020 को 12वीं में पढ़ने वाले बेटे को उन्होंने किसी बात पर डांट दिया तो बेटे ने इसे अपना अपमान समझ लिया।

पिता के साथ बेटे ने खेला हैवानियत का खेल
आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक बेइज्जती होने से गुस्साए नाबालिग बेटे ने पिता के सिर में लोहे की रॉड मार दी, जिससे 42 साल के पिता मनोज बेहोश हो गए। बेटे का गुस्सा नहीं खत्म हुआ तो उसने कपड़े से गला घोंटकर पिता को मार डाला। उसी रात उसने पिता की डेडबॉडी को ठिकाने लगाने के लिए जलाने का प्लान बनाया।

बेटे के साथ मां भी अपराध में शामिल हुई
बेटे ने पिता की लाश को ठिकाने लगाने के लिए अपनी मां की मदद ली। मां ने अपने पति की लाश को बोरी में भरकर जंगल में फेंकने की सलाह देकर डेडबॉडी को बोरी में भरकर बेटे की स्कूटी में लाद दिया। मां से मदद मिलने पर बेटे के हौसले बढ़ गए और वह इलाके से 5 किलोमीटर बाहर जंगल में डेडबॉडी ले गया।

सबूत मिटाने के लिए बेटे ने देखा क्राइम पेट्रोल
नाबालिग बेटे ने किसी भी तरह का सबूत मिटाने के लिए पिता की लाश को जंगल में ही पेट्रोल से जला दिया। वह चुपचाप घर लौट आया और घर से सबूत मिटाने के लिए 100 से ज्यादा बार धारा​वाहिक क्राइम पेट्रोल देख डाला। उसने कुबूल किया कि पिता की हत्या के बाद सबूत मिटाने का तरीका सीखने के लिए उसने क्राइम पेट्रोल देखा।

Photo courtesy : Pixabay

इस्कॉन के सेवादारों ने जली लाश को पहचाना
मनोज की हत्या के बाद इस्कॉन मंदिर के लोगों के दबाव पर 3 मई को मां बेटे ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई, हालांकि, तब तक पुलिस को जली लाश मिल चुकी थी। पड़ताल के दौरान मनोज मिश्रा के साथ इस्कॉन में काम करने वाले साथियों ने शव को कपड़ों आदि से देखकर पहचान की। हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस को मां से पूछताछ में कुछ भी हासिल नहीं हो सका।

5 महीने बाद हत्या का राज खुला
पुलिस ने 12वीं में पढ़ने वाले नाबालिग बेटे से पूछताछ की तो उसके बयानों में बदलाव मिलने के बाद पुलिस को उसपर शक हुआ। पुलिस ने जब लड़के का मोबाइल फोन चेक किया तो पता चला कि उसने घटना के बाद से क्राइम पेट्रोल के एपिसोड 100 से ज्यादा बार देखे हैं। कड़ाई से पूछताछ के बाद बेटे ने हत्या की बात कुबूल कर ली। इस तरह हत्या के 5 महीने बाद हत्यारे का पता चल सका। पुलिस ने मां बेटे को हत्या और सबूत मिटाने के जुर्म में जेल भेज दिया है।…NEXT

 

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