Menu
blogid : 15986 postid : 772558

” राखी” रेशम की डोरी, उपहारों का लेंन देंन या जिम्मेदारी (कमिटमेंट ) जागरण जंक्शन

Vichar Manthan

  • 297 Posts
  • 3128 Comments

रक्षा बंधन

रक्षा बंधन पर्व अपने साथ कई यादें ले कर आता है| हम परिवार समेत कई वर्ष विदेश में रहे हैं जब भी राखी का त्यौहार आया यदि भारत से राखी समय से पूर्व आ गई पता चल जाता था अमुक दिन राखी है परन्तु ज्यादातर जूलाई के पहले हफ्ते में मैं लाल पीले रंग के तागों से राखी बना कर अपने भाईयों को भेज देती थी इसी तरह बच्चों के लिए भी राखी बना कर जूलाई के आखिरी हफ्ते या अगस्त की शूरूआत में पूर्णमासी के चाँद से अनुमान लगा कर हम राखी का पर्व मना लेते पहले बच्चे तीनों बच्चे छोटे थे कोई मुश्किल नहीं थी जैसे बड़े हुये मैने उन्हें रक्षा बंधन की कहानी सुनाई और महत्व बतलाया यह भाई द्वारा बहन की रक्षा का त्यौहार है मेरी बेटी ने पूरा तर्क शास्त्र खोल दिया “ यह मेरी क्यों रक्षा करेंगे मैं खुद समर्थ हूँ उसने दुनिया भर की शक्ति शाली औरतों की कहानिया मुझे सुना दी” उसकी बात भी ठीक थी दोनों भाईयों की वह रिंग लीडर थी सारी शरारते वह आगे होकर उनसे करवाती थी | हमारे आस पास कोई भी भारतीय परिवार नहीं रहता था सब पाकिस्तानी परिवार थे वह भारतीय त्योहारों में दीवाली और बैसाखी पर्व को हो जानते थे बैसाखी फसल का त्यौहार पाकिस्तान में भी मनाया जाता है अत: मैं तीनों बच्चों के खुद ही राखी बांध देती थी | राखी का मतलब वह वहाँ की प्रसिद्ध चाकलेट मीका और माँ द्वारा पकाया अच्छा खाना ही समझते थे बच्चे बड़े हो रहे थे अब उनको स्कूल जाना था अभी तक वह भारतीय एम्बेसी के स्कूल में इम्तहान देने जाते थे| हमारा अपने देश में लौटने का समय हो गया था हम अपने देश आये यहाँ उन्हें पहली बार हर पर्व सही रूप से मनाने का अवसर मिला राखी का त्यौहार आया हम सब भाई बहनों ने मायके में एक साथ त्यौहार मनाने की सोची वर्षों बाद मुझे भी सुअवसर मिल रहा था | बच्चे अति प्रसन्न थे मेरी भांजी लगभग मेरे बच्चों की हम उम्र थी इन्ही जैसी शैतान मैं सदैव यही कहती हूँ मेरी दो लडकियाँ हैं यह चारो बच्चे एक ही स्कूल में पढ़ते थे |बेटियों ने राखी की थाली को बिलकूल एकता कपूर के सीरियल की तरह सजाया | बड़े चाव से राखी बाँधने लगी सभी रिश्तेदार भाईयों को राखी बांध कर पैसे वसूल रहीं थी इतने में शोर मचा मेरा छोटा लड़का किसी कीमत पर राखी बंधवाने को तैयार नहीं था और दोनों बहने उसको जमीन पर गिरा कर जबरदस्ती उसकी कलाई पर राखी बाँधने की कोशिश कर रहीं थी मुझे अपने लडके के इस व्यवहार पर बहुत हैरानी हूई मैने पूछा बेटा राखी क्यों नही बंधवा रहा क्या हूआ किससे नाराज है उसने कहा मैं राखी बिलकूल भी नही बंधवाने का मैने पूछा आखिर क्यों नहीं बंधवा रहा है उसने जो उत्तर दिया वह हैरान करने वाला था ‘‘पहले इनसे राखी बंधवाओ फिर इन्हें रूपये भी दो फिर इनकी रक्षा भी करो मैं बिलकूल इनकी रक्षा नही करूगा ‘‘ सब हसने लगे उससे कहा तू रक्षा मत करना राखी तो बंधवा ले वह किसी कीमत पर तैयार नही हुआ | दोनों बहनों को बहुत गुस्सा आया उन्होंने कहा तू हमारी क्या रक्षा करेगा अभी तो हम तेरी रक्षा करती है क्लास में सबसे लड़ता है सबकी शिकायतें करता है हमको सबसे लड़ना पड़ता है सच बात थी’ वह अभी सेकंड स्टेन्डर में था स्कूल बिलकूल नहीं जाना चाहता था उसे कोई बच्चा अच्छा नही लगता था रोज सब बच्चों की शिकायत करता बहने उसे अपना बस्ता पकड़ा कर जिससे भी उसकी नाराजगी होती उससे लड़तीं | अक्सर पेरेंट टीचर मीटिग में दबी जबान से उनकी टीचर मुझसे शिकायत करती थी परन्तु पढ़ने में यह दोनों बहुत अच्छी थी अत: टीचर बात को आई गई कर देती |सबने उससे कहा अरे तू लड़का हो ऐसी बात करता है वह जोर- जोर से रोने लगा क्या लडकों को दर्द नही होता| मेरे स्कूल में एक दीदी है उसको लडके तंग करते थे वह साईकिल से स्कूल आती है गंदे लडके उसके दोनों तरफ बाईक चला कर उसे गिरा देते हैं उसका भाई उनसे लड़ने आया सब लोहे की चेन से लड़ रहे थे उस दीदी के भैया के नाक और मुहं से खून बह रहा था मेरे सामने उसे बहुत मारा | पहले राखी बंधवाओ फिर पिटो मैने इनकी रक्षा नहीं करनी अपनी रक्षा खुद करें ||मै कुछ दिन बाद पेरेंट्स टीचर मीटिग में गई उसकी टीचर ने हंस कर कहा आपका बेटा बहुत अजीब है हम बच्चों में आपसी सौहार्द बढ़ाने के लिय आर्ट एंड क्राफ्ट पीरियड, मे बच्चों से राखी बनवाते हैं लडकियां लडकों को राखी बांधती है परन्तु इसने किसी से भी राखी नहीं बंधवाई और कहता हैं मुझे किसी की रक्षा नहीं करनी इसलिए अत:मैं राखी भी नहीं बंधवाऊगा | मैं क्या जबाब देती |
मुझे आज की सन्तति पर बहुत दुख हूआ किशोरावस्था में ही बच्चे बिगड़ रहे हैं| बच्चा जन्म लेता है अक्सर माँ बाप कहते हैं हम इनके किये इतना कर देंगे इन्हे कुछ करने की जरूरत ही नहीं रहेगी बच्चों के पास सब कुछ है महंगे सेल फोन, कम्प्यूर, महंगी बाइक, गाड़ी और मोटा जेब खर्च |कैरियर की चिंता बस कुछ बच्चों के मन में ही है ज्यादातर सिगरट, गुटका, बियर के आदि हो चुके हैं रेव पार्टियों में नशा तक करते है | एक दूसरों के सामने डींगे हांकना अपनी गर्ल फ्रेंड की संख्या की चर्चा बढ़ चढ़ कर करना लडकियों को परेशान करना लडकियां यदि अपनी परेशानी घर जा कर बताये तो माँ बाप परेशान हो जाते हैं ,अक्सर फ़ास्ट म्यूजिक लगा कर किशोर गाड़ी में राह चलतों पर फबतिया कसते दिखते हैं , विरोध करने पर वही नजारा जो मेरा लड़का अक्सर देखता था | बाल मन पर इसका क्या असर पड़ता है मेरी समझ में आ चुका था
कई वर्ष तक वह सूनी कलाई लेकर घूमता रहा बहनों का भी अहम आड़े गया |मेरी एक लडकी विदेश पढने जा रही थी उसने जाते समय कहा अब तो राखी बंधवा ले तूझे मेरी रक्षा के लिए इतनी दूर आने के लिए बीजा ही नहीं मिलेगा तब जा कर बर्फ टूटी |
मेरी लडकी की शादी बम्बई में हुई वह बहुत अच्छे पद पर काम करती थी उसके पति अक्सर विदेश टूर पर जाते रहते थे | उसने अपने भाई को जिसे बम्बई में शानदार नौकरी मिल गई थी बम्बई आने का आग्रह किया वह दिल्ली छोड़ कर जाना नहीं चाहता था यहाँ भी अच्छी पोजीशन पर था परन्तु बहन ने उसे जिद कर बम्बई बुला लिया| वह उसका बहुत ध्यान रखती थी जो कहता था व्यस्त होने बावजूद उसके लिए बनाती थी |भाई के आग्रह पर उसने अपने घर के पास ही उसके लिए घर किराये पर लिया मेरी बेटी के घर खुशी आने वाली थी अचानक समय से पूर्व उसकी डिलीवरी हो गई आपरेशन से बेटी पैदा हुई मुझे तुरंत बुलाया गया | पूरी कोशिश के बाद भी फ्लाइट दो दिन के बाद की मिली मैं बहूत परेशान थी जब अस्पताल पहुची बहन के पास कुर्सी पर नन्हीं (मेरा बेटा) बड़ी मुस्तैदी से पूरा तीमारदार बन कर बैठा था बहन की हर कराह पर वह उसे हौसला दे रहा था उसके जीजा जी नर्सरी में बेबी के पास थे |बच्ची बेहद कमजोर थी | मैं उसे उठाने से डरती थी पर उसका लम्बा चौड़ा मामा बड़े आराम से सम्भाल लेता | मुसीबत यहीं खत्म नहीं हुई माँ बच्ची घर आ गई लेकिन दो दिन बाद ही मेरी बेटी की हालत खराब हो गई जाँच से पता चला उसकी भोजन की नली में परेशानी है जीवन मरण का प्रश्न था तुरंत बड़ा ही खतरनाक आपरेशन होना था |नन्हीं अपने जीजा जी के साथ अस्पताल में बिना खाए पिए खड़ा था इधर नन्हीं जान माँ के दूध के लिए बिलख रही थी तकदीर से मेरा बेटा किसी काम से घर आया मैं किसी भी तरह बच्ची को दूध नहीं पिला पा रही थी मामा जी ने एक छोटा चम्मच जिसकी नोक नुकीली थी उससे बच्ची को धीरे – धीरे पुचकारा और एक – एक बूँद दूध की उसकी जुबान के नीचे टपकाने लगा बच्ची ने दूध निगल लिया इस तरह उसने उसे थोड़ा दूध पिला दिया बच्ची शांत हूई फिर तो मेरा भी हौसला बढ़ गया मैने डिब्बा मम्मा का दूध बोतल से सावधानी पूर्वक पिला दिया | बहन के पास मुस्तैदी से बैठे अपने लडके को देख कर मैं सोच रही थी राखी का मतलब ज्यादातर हम राखी की डोरियाँ भाई की कलाई पर बांधना या उपहारों का लेंन देंन करना समझते हैं पर मेरा सात का लड़का मुझसे ज्यादा समझदार था राखी का मतलब जिम्मेदारी ,और एक भाई का बहन के प्रति उत्तरदायित्व(कमिटमेंट) समझता था | डॉ शोभा भारद्वाज

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *