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मजाक ही मजाक !

हमार देश

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आदरणीय मित्रों ,बहनों एवं गुरुजनों ,…सादर प्रणाम ….. खा पीकर मस्त हो चुके मंत्रिओं की डकार निकलने लगी है ,..दस नम्बरी खानदान के खास गुलाम मंत्री सुशी…ल … नहीं कुशील कुमार शिंदे ने मजाक में याददाश्त बढाने के लिए बाबा रामदेव की दवाइयों का प्रचार कर दिया ,…मैडम का खौफ नहीं होता तो कपालभांति, अनुलोम-विलोम,भ्रामरी की शिक्षा भी देते ,……उनका कहना था कि जनता की याददाश्त मेढक जितनी है ,…कल बेफोर्स भूले ,…आज कोयला, टू-जी ,कामनवेल्थ ,आदर्श सब भूल जायेंगे ,..सैकड़ों लाख करोड़ का काला धन कौन याद रखेगा !… कालिख धोना मुश्किल नहीं है ,..पांच ग्राम डिटाल और पाव भर पानी से साफ़ हो जाती है ,..बाकी सीबीआई ,अदालत, वकील, संगी साथी ,मीडिया दलाल पोंछ सुखा देंगे ,……..भद्दे मजाक पर मुझ मूरख को कुलबुली हुई कि लगे हाथ मजाकों का भारतीय इतिहास देखा जाय !….

मेरे हिसाब से सबसे बड़ा मजाक पन्द्रह अगस्त सन सैंतालीस को हुआ,… लाशों के समुन्दर में खुशी के गोते लगाते नेहरू ने एडविना की चुम्मी (किस) लेते हुए मजाकिया आजादी का तोहफा दिया ,…न हींग लगाई न फिटकरी.. रंग निकाला चोखा !..खौफनाक तरीके से देश काट दिया गया ,…खूंखार मजाक के जश्न में डूबे देश को अंग्रेज नेहरू ने मुट्ठी में दबोच लिया ,.…नेताजी के कारण हिन्दुस्तानी फ़ौज में पनपी बगावत से गोरों को जाना ही पड़ा  ,..तो चले गए !….न अंग्रेजी राज गया न अंग्रेजियत ,.शासन,व्यवस्था ,शिक्षा ,दवाई ,कानून,भाषा सबकुछ उनका ही रहा ,…. तहसील  कमिश्नरी से दिल्ली तक अंग्रेजी चाटुकारों का पक्का कब्ज़ा हो गया ,….फिर बाबा साहेब का लेबल लगाकर मजाकिया संविधान बना ,…ढाई साल में संविधान सभा सवा दो सौ घंटे मजाक करने बैठी ,..बाकी काम कट पेस्ट से चल गया होगा ,..एक कार्टूनिस्ट ने बाबा साहेब को घोंघे पर बैठाकर नेहरू को चाबुक मारते दिखाकर मजाक किया ,..असल में नेहरू संविधानी घोंघे को बाँध रहा था ,.बाबा साहेब दौडाना चाहते थे ,….. नेहरू ने इतिहास से भी मजाक करवाया ,..’परहित सरिस धर्म नहीं भाई –परपीड़ा सम नहीं अधमाई ‘.. की सनातनी संस्कृति में दलितों को हजारों सालो से जुल्म का शिकार बताकर नफरत फैलाई ,..बिके विद्वानों ने लुटेरे अंग्रेजी राज को सनातनी बना दिया ,.. कौन समझाता कि तब दलित पैदा नहीं होते थे ,…शिक्षा ज्ञान सामर्थ्य से वर्ण होते थे ,..तभी भारतीय शिक्षा नहीं अपनाई ,…नेहरू जानता था कि जनता को गुरुकुली शिक्षा मिली तो सब समर्थ और नैतिक होकर एक हो जायेंगे ,…फिर मैकाले के सपनो से मजाक हो जाता !…आत्मा तक अंग्रेजियत में डूबा अय्याश इंसान कैसे सहन करता !….इस तरह से मजाकिया आजादी मिली ,..तब से देश मजाक दर मजाक झेल रहा है ,..उनकी चर्चा करने से पहले पीछे चलते हैं .

पहले स्वतंत्रता संग्राम की निर्ममता के बाद फिर विद्रोह बढ़ने लगा ,..योगी अरविन्द के साथ तमाम राष्ट्रभक्तों ने आजादी का बिगुल फूंका तो घबराये अंग्रेजों ने मानवतावाद का मजाक बनाकर कांग्रेस पैदा की ,….एओ ह्यूम इसका बाप बना ,…अंग्रेजी के चाटुकार भारतवंशी कम नहीं थे ,..कांग्रेस ने जनाक्रोश कम करने का काम बखूबी किया ,….बिना संसाधन बिना प्रचार के राष्ट्रवादी किनारे पड़ गए ,. देशभक्तों को मजबूरी में कांग्रेस से जुडना पड़ा ,..गांधीजी की लंगोटी देख भूखी नंगी जनता दीवानी होने लगी ,… उनकी स्वदेशी छाया में अंग्रेजी के गुलाम नेहरू ने अपनी विषबेलें फैलाई ,.. जलियांवाला बाग देखकर लहूलुहान आत्मा से भगत सिंह भी आजादी के रण में कूद पड़े ,… लाला लाजपत राय ,गोखले ,तिलक जैसे महान राष्ट्रभक्त साजिशी नेहरू से पीछे छूटते गए ,. कांग्रेसी मजाक देश पर भारी पड़ते जा रहे थे ,…. फिर लालाजी ,शहीद ऊधम सिंह और करतार सिंह सराभा जैसे महान शहीदों से प्रेरित होकर भगत ने चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में इन्कलाब लाने की ठानी ,.. कांग्रेसी उनको आतंकवादी कहते रहे ,…. सैकड़ों इंकलाबी जवानो ने भारत माता को आजादी दिलाने की कसम खायी ,..अत्याचारी अंग्रेजों को सबक भी सिखाया ,….निर्मम सत्ता के कान खोलने के लिए पटाखा बम फोड़ा ,… लाखों नौजवानों के शरीर में आजाद और भगत सिंह का खून उबलने लगा ,….तब देश ने फिर क्रूर कांग्रेसी मजाक झेला ,.. भगत सिंह ,सुखदेव ,राजगुरु को अंग्रेजों ने फांसी दे दी ,…गांधीजी समेत पूरी कांग्रेस मजाक का मजा लेती रही ,……गद्दार नेहरू ने आजाद की मुखबिरी कर दी ,….. महाबली को अंग्रेजों ने घेर लिया ,..अकेले शेर को सौ गीदड़ जिन्दा छू नहीं पाए  ,….नेहरू ने राष्ट्रभक्त योद्धा की शहादत का मजाक उड़ाया ,…….फिर महान सेनानी सुभाषचंद्र बोस से इन्होने मजाक किया ,…उन्होंने कांग्रेसी गद्दी छोडकर अंग्रेजो को मार भगाने की ठानी ,….दुनिया में घूमकर आजाद हिंद फ़ौज बनायी ,..उधर कांग्रेसी मजाक में जनता को अंग्रेजों की फ़ौज में भर्ती करवा रहे थे ,..सन बयालीस में अंग्रेजों के पाँव उखड गए थे ,..उनका जाना तय लगने लगा था ,.. फिरसे अबूझ कांग्रेसी मजाक हुआ ,…..खैर जैसे तैसे सन सैंतालीस आया ,…अंग्रेज विश्वयुद्ध में हार चुके थे ,…उनका जाना जरूरी था ,..तभी सबसे बड़ा मजाक हुआ ,..महान सेनानी नेताजी को अपराधी बनाकर नेहरू ने देश से खौफनाक मजाक किया ,.नाम दिया आजादी का ,…जिसकी तारीफ कर चुका हूँ  ..

तुरंत बाद फिर मजाक हुआ ,.सच्चे राष्ट्रवादी लौहपुरुष को धक्का देकर नेहरू ने मजाक में कश्मीरी नासूर बनाया ,…फिर नवनिर्माण का मजाक हुआ और खूब खाकर पचाया ,..कुछ फायदा देश को भी मिला लेकिन असली मलाई चाटुकार ले गए ,. दस नब्बे वाला सूत्र चला !…फिर पंचशील का मजाक करके हजारों वीर जवान और जमीन गवांई ,…सेना में दलाली का सूत्रपात हुआ ,…नेहरू एडविना के बीच का दलाल डाकिया इनामी मंत्री बना ,..तब शुरू हुआ भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियो का संरक्षण आज फर्रुखाबादी खेल बन गया है ,..चीन से हारने के बाद नेहरू ने मजाक में आँखों से दो बूँद जिंदगी के टपकाकर देश मस्त कर दिया ,……..

फिर शास्त्रीजी के साथ इंदिरा ने केजीबी से मिलकर मजाक किया ,….सादा जीवन वाले देशभक्त प्रधानमंत्री की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई ! ,..इस मजाक का रहस्य आजतक परदे में है ,….स्वस्थ जीवट इंसान को दिल का दौरा पड़ा था तो नेहरू खानदान को शर्म से पिघलकर मर जाना चाहिए ,…जहरीले मजाक से इंदिरा दुर्गा बन गयी ,…. जवानो की शहादत के बदले बाप की पैदाइश नासूर नहीं देखा ,…. गरीबी हटाओ का मजाक किया ,….दरबारी खाते रहे , दलाली खजाने में जाती रही,..गरीबी मिटती रही !…गूंगी गुड़िया सत्ता के नशे में वीभत्स खेल खेलने लगी ,.. बांटो काटो मारो के मजाक से पंजाब चीख उठा ,.. अत्याचारी मजाक ने लोकतंत्र की हत्या कर दी ,…फिर खुद के साथ भी मजाक हो गया ..

पायलट गांधी मजाक में गद्दी पा गए ,. विदेशी एजेंट दुल्हनिया ले आये ,…..दस नब्बे के फार्मूले से खाने पचाने और सपने दिखाने के अलावा शरीफ गांधी ने कोई खास मजाक नहीं किया ,…बेफोर्स दलाली और छोटे बड़े काले कारनामे अपने आप होते गए ,… माल खानदानी खातों में जमा होता रहा ,…दहेज में क्वात्रोची भाई आया था ,…फिर बिना औकात इंटरनेशनल नेता बनने के चक्कर में उनसे भी मजाक हुआ ,..फिर मंडल कमंडल से उपजे नेताओं ने अपने हिस्से का मजाक किया ,..कईओं का हाजमा आज भी दुरुस्त है ,..समाजवाद की माला जपने वाले खानदानी चोर बन गए ,…फिर देश को मौनी बाबा नरसिम्हा राव मिले ,..गुलाम मोहन के साथ उदारीकरण का मजाक किया और प्रकृति का अकूत खजाना विदेशिओं के लिए खोल दिया ,…खाते पीते वो विदा हुए तो कुछ दिन एनडीए वाले मजाक करते रहे ,… इमानदार नेता ने वही नीति अपनाई ,..नतीजा मिला कि सुविधा सूचना क्रांति आयी ,…गैस सिलेंडर, टेलीफोन मिलने लगे ,…राष्ट्रीय राजमार्ग और उदारीकरण से विकास ,.अन्त्योदय और काम के बदले अनाज से गरीब का पेट भरने लगा ,.. अब तक भ्रष्टाचार की विषबेल बहुत फ़ैल गयी थी ,…इनकी भी हिम्मत नहीं हुई कि काली खानदानी तिजोरी को हाथ लगा सकें ,…चिल्लर सरकार और अमेरिका की लगाम थी !…देश भ्रष्टाचारियो से भरता गया ,…

फिर हुआ मैडम गांधी के त्याग वाला मजाक ,..कानूनी पेंच की मजबूरी में भरोसेमंद गुलाम मनमोहन को गद्दी मिली ,..खुद संविधान पर जूती रखकर उसकी पगड़ी पर जम गयी ,…कुत्ते भी मनमोहन को मजाक ही समझते है ,…. घिनौने मजाकों का सिलसिला बेकाबू हो गया ,.. खानदान ने देश की बर्बादी का ठेका ले लिया ,…लुटेरा गिरोह धंधे पर लग गया ,.महाघोटाले होने लगे .. खुद माल समेटने में लगे ,..सरकारी धन पर खानदान की फोटो अखबार टीवी में आती हैं ,… दामाद अपने खानदान को निपटाकर एसपीजी सुरक्षा में आ गया ,.हमारे खून पसीने की खाने वाले गद्दारों ने देश को अपनी जागीर बना लिया ,..बिना औकात फ़ौजी जहाज में उड़ते हैं ,….कामनवेल्थ, टू जी, कोयले समेत सभी लूटो के सूत्रधार यही है ,….लेकिन बचाने वाला गुलाम गद्दी पर बैठा है ,…सीबीआई जैसी पालतू बिल्ली के होते प्यादे तक जांच नहीं पहुँचती है ,..बाकी अदालत में निपट जाता है ,..जनता की आवाज उठाने वले देशभक्तों को आधी रात में मारने का इंतजाम हुआ ,..काले कारनामो से लोकतंत्र बार बार शर्मशार हुआ ,.सर्वोच्च संसद
चोर डाकुओं का अड्डा बन गयी ,..चिरकुट संविधान की दुहाई देने वाले खुद उसका बलात्कार करते हैं ,..कैग ,पीएसी पर लात मारी जाती है ,.. अदालत को उल्लू बनाना नाश्ते में चाय पीने के बराबर है ,..
राजनीति मजाक में देश खाने को आतुर है ,...अब गुलाम लुटेरे देश को मजाक सुनाते हैं ,… …देश बेशर्मों की काली करतूतें जान गया है ,..अहंकारी लुटेरों की बर्बादी पक्की है ,…अब प्रियंका का डुप्लिकेट इंदिरा वाला फार्मूला भी नहीं चलेगा  ,… लुटेरे भी अपना हश्र जानते हैं ,..इसलिए एक और मजाक की बारी है ..

भ्रष्टाचार ,कालेधन और लुटेरी अंग्रेज व्यवस्था के खिलाफ उठे विशाल आंदोलन में केजरीवाल एंड एनजीओ कंपनी सेफ्टी वाल्व बनकर उभरी है ,….अन्नाजी के सरल चेहरे के पीछे इनका मजाक देश पर भारी पड़ सकता है ,. भ्रष्टाचार से परेशान समर्थकों और एलीट शहरियो में सर्वेक्षण किया है ,..जो हकीकत से बहुत दूर है  … केजरीवाल कंपनी अन्नाजी को मजाक में समझायेगी कि,.. अपनी हवाई पार्टी बनायेंगे तो छिहत्तर के मार्जिन से कांग्रेस जीतेगी ,…तब कांग्रेस फुटबाल लोकपाल लाएगी,… हम वाया अमेरिका एनजीओ वाला धंधा करेंगे ,.उनकी रजामंदी है ,…..अन्नाजी सीधे सच्चे देशभक्त हैं ,… उनके मजाक से अलग रहना ही ठीक समझते होंगे .

मूरख भी मजाक में अन्नाजी से हाथ जोड़कर विनती करता है कि,. न्य नेहरू बनने से रोकिये
.देश पर दसिओं गंभीर खतरे हैं ,.. लुटेरों के जाल में नही फंसना है  ,…आगे कुंवा खाई दोनों है ,..कुंवे में गिरे तो कांग्रेसी दबा देंगे ,..अकेले चलने से नुक्सान होगा ,…हम खाई पर मजबूत राष्ट्रवादी पुल बनायेंगे ,..राष्ट्रवाद से परहेज करके देशसेवा नहीं होगी !…..

कांग्रेसी मजाकों की देश बहुत कीमत चुका रहा है ,..इन्होने हमारा हक पूंजीपतियों से मिलकर खाया है ,..मालामाल देश को गरीब बनाकर हमारा माल विदेशी तिजोरिओं में पहुंचाया है ,…तीन चौथाई जनता मूलभूत जरूरतों से दूर है ,…भूख,गरीबी ,अशिक्षा ,बेरोजगारी ,बीमारी ,नशे ,अपराध का बोलबाला है ,…गरीब सरल आदिवासी भाई बन्दूक उठाने को विवश हैं ,…हर तरफ अलगाववाद क्षेत्रवाद का जहर फैला है ,…..हम राष्ट्रवाद पीछे नहीं छूटने देंगे ,…हमें अपने देश , भाषा ,संस्कृति और ज्ञान पर गर्व है ,…देश जीतकर ही रुकेगा  !….अब कांग्रेस से देश आखिरी मजाक करेगा ,. भ्रष्टाचारियो का नामोनिशान मिटेगा ,...हम एकजुट होंगे ,…स्वदेशी और सर्वहितकारी व्यवस्था बनाकर देश को अभिशापों से मुक्त करेंगे ,……हमें अवसरवादी लुटेरों से सावधान रहना होगा ,.. कांग्रेस ने तमाम रूपों में हमको खाया है ,……अब देश दूसरी कांग्रेस और दूसरे नेहरू का मजाक नहीं बर्दाश्त करेगा !…..वन्देमातरम !

संतोष कुमार

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