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काला हिरण, जिसने टाइगर का शिकार किया

Sandeep Suman

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ब्लैक बक या काले हिरण के नाम से मसहूर भारतीय मृग, कृष्णमृग बहुसिंघा की एक प्रजाति है। यह बहुसिंघा प्रजाति की इकलौती जीवित प्रजाति है। इसका ज़ूओलॉजिकल नाम एंटीलोप.सविकपारा है। भारतीय उपमहाद्वीप में इसकी चार प्रजातियां पाई जाती है, जो अपने घुमावदार सींगों के कारण ये सुन्दर हिरणों में की श्रेणी में आता है। नर तीन से चार घुमावदार सिंग लिए काले रंग का जबकि मादा बिना सिंग के पीलापन लिए भूरे रंग की होती है। इसे राजस्थान का राजकीय पशु होने का गौरव प्राप्त है

” 1947 में भारतीय उपमहाद्वीप में इसकी संख्या 80 हजार थी, जो अत्यधिक शिकार के वजह से 1964 में घटकर 8000 हो गई।”

अत्याधिक शिकार, वनों की कटाई और हरे-भरे घास और जलयुक्त स्थलों की कमी के कारण काले हिरणो की संख्या दिन प्रतिदिन घटती चली गई, जिसे देखते हुए भारत सरकार ने 1972 के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची एक में इसे डाल कर काले हिरण के शिकार को प्रतिबंधित कर दिया। मौजूदा वक़्त में देश में काले हिरण की अनुमानित संख्या 25 हजार है।

जोधपुर का बिश्नोई समाज काले हिरण को अपने गुरु भगवान जंबाजी उर्फ जम्बेश्वर का अवतार बनते है। इसी कारण विश्नोई समाज काले हिरण और वृक्षो के लिए अपना जान तक दांव पर लगा सकते है। 1998 में फिल्म हम साथ साथ है कि शूटिंग के दौरान सलमान खान ने कांकणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया, जिसकी रिपोर्ट पास के गांव के विश्नोई समाज के लोगों ने दर्ज कराई और 20 वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद आखिर उन्हें कल जोधपुर कोर्ट ने फैसला प्रदान किया।

संदीप सुमन।
sandeepsuman311@gmail.com

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