Menu
blogid : 19157 postid : 1195732

शिव ने इस कारण लिया था अर्धनारीश्वर का रूप, ये है रहस्य

भगवान शिव की पूजा सदियों से हो रही है लेकिन इस बात को बहुत कम लोग ही जानते हैं कि शिव का एक और रूप है जो है अर्धनारीश्वर. दरअसल शिव ने यह रूप अपनी मर्जी से धारण किया था. वह इस रूप के जरिए लोगों का संदेश देना चाहते थे कि स्त्री और पुरुष समान है. आइए जानते हैं इस घटना का चक्र. आखिर किस वजह से भगवान शिव को यह रूप धारण करना पड़ा था.


ard

स्त्री-पुरुष की समानता का पर्याय है अर्धनारीश्वर

भगवान शंकर के अर्धनारीश्वर अवतार में हम देखते हैं कि भगवान शंकर का आधा शरीर स्त्री का तथा आधा शरीर पुरुष का है. यह अवतार महिला व पुरुष दोनों की समानता का संदेश देता है. समाज, परिवार तथा जीवन में जितना महत्व पुरुष का है उतना ही स्त्री का भी है. एक दूसरे के बिना इनका जीवन अधूरा है, यह दोनों एक दूसरे को पूरा करते हैं.


shvi



Read: क्यों शिव मंदिर में गर्भगृह के बाहर ही विराजमान होते हैं नंदी?


क्यों लिया यह अवतार

अर्धनारीश्वर का रूप धारण कर उनके समीप गए तथा अपने शरीर में स्थित देवी शक्ति के अंश को पृथक कर दिया. उसके बाद ब्रह्माजी ने उनकी उपासना की. उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर शक्ति ने अपनी भृकुटि के मध्य से अपने ही समान कांति वाली एक अन्य शक्ति की सृष्टि की जिसने दक्ष के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया.


shiva1c



अर्धनारीश्वर लेकर भगवान ने यह संदेश दिया है कि समाज तथा परिवार में महिलाओं को भी पुरुषों के समान ही आदर व प्रतिष्ठा मिले. उनके साथ किसी प्रकार का भेद-भाव न किया जाए… Next


Read More:

शिव को ब्रह्मा का नाम क्यों चाहिए था ? जानिए अद्भुत अध्यात्मिक सच्चाई

साधुओं ने बनाई थी भगवान शिव की विनाश की योजना, शिव ने धारण किया था नटराजन रूप

अपनी पुत्री पर ही मोहित हो गए थे ब्रह्मा, शिव ने दिया था भयानक श्राप

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *