Menu
blogid : 19157 postid : 866638

इस गुफा में हुआ था रामभक्त हनुमान का जन्म ?

श्रीराम भक्त हनुमान अपने कृति के लिए युग-युगांतर से जाने जाते रहे हैं और आगे भी जाने जाते रहेंगे,  पर हनुमान का जन्म स्थल आज भी गुमनाम है. झारखंड राज्य के आखिरी छोर में बसा गुमला जिला से 21 किमी दूरी पर स्थित आंजन धाम हनुमान जी का जन्म स्थल के नाम से जाना जाता है. इस स्थान की गुमनामी हमें रामायण युग में अनायास ही ले जाता है.


9221gumla3


माना जाता है कि आंजन धाम में ही श्रीराम भक्त हनुमान का जन्म हुआ था, क्योंकि इसके प्रमाण यहां के पहाड़ों में आज भी विद्यमान है. हनुमान का जन्म आंजन में हुआ है इसका प्रमाण यह है कि पालकोट प्रखंड में सुग्रीव गुफा व किश्किंधा का होना. आंजन में माता अंजनी प्रत्येक दिन एक तालाब में स्नान कर शिवलिंग में जलाभिषेक करती थी. इसलिए यहां 360 शिवलिंग व उतने ही तालाब मिलते हैं.


Read more: क्या माता सीता को प्रभु राम के प्रति हनुमान की भक्ति पर शक था? जानिए रामायण की इस अनसुनी घटना को


माता अंजनी का निवास स्थान होने के कारण गुमला जिले का एक नाम आंजनेय भी है. यह वह स्थान है जहाँ ऋषि मुनी शांति की खोज में आया करते थे. आंजन में महादेव की पूजा की परंपरा प्राचीन काल से है. अब यहाँ आंजन माता का मंदिर बना हुआ है. आंजन में नकटी देवी स्थान है. यहां विशेष अवसरों और त्योहारों पर सफेद व काले बकरे की बलि दी जाती है. अंजनी माता के मंदिर के नीचे प्राचीन सर्प गुफा है.


5742589e8d6b5231a37f696f6c592d2ec53b


अंजनी माता के दर्शन के बाद भक्तजन सर्प गुफा का दर्शन जरूर करते हैं. गुफा में एक टीला है जहां सांप को देखा जाता है. लोगों का मानना है कि यह नागदेव हैं. गुफा के द्वार के समीप अंजनी माता की मूर्ति है. वहां हर वक्त पताका लहराती रहती है. मान्यता है कि 1500 फुट से अधिक लंबे गुफा के अंदर एक रास्ता है. इसी रास्ते से होकर कभी अंजनी माता खटवा नदी तक जाती थी और स्नान कर लौट आती थी.


Read more: हनुमान जी के इस विशेष मंत्र का जाप करें, होगी सारी मनोकामनाएं पूरी


लोगों का कहना है कि एक बार आदिवासियों ने अंजनी माता को प्रसन्न करने के लिए बकरे की बलि दी. इसके बाद माता ने अप्रसन्न हो गई. तभी से माता ने गुफा के द्वार को हमेशा के लिए बंद कर लिया. आंजन गांव हनुमान के जन्म स्थली होने के कारण कभी-कभी चर्चा का विषय तो बनता है, लेकिन आज भी यह क्षेत्र उपेक्षित है और क प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बनने की राह देख रहा है….Next


Read more:

नौ नहीं पंद्रह दिनों तक की जाती है इस मंदिर में माँ देवी की उपासना

हनुमान ने नहीं बल्कि इन्होंने किया था रावण की लंका को काला, पढ़िए पुराणों में विख्यात एक अनसुनी कथा

हनुमान ने नहीं, देवी के इस श्राप ने किया था लंका को भस्म

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *