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छोटी दिवाली से जुड़ा श्रीकृष्ण की 1608 रानियों का सत्य, जानें क्या है नरक चतुर्दशी

आपको याद होगा, स्कूल के दिनों में दिवाली के एक दिन पहले बच्चे एक-दूसरे को ‘छोटी दिवाली’ विश करते थे बल्कि आज भी वाट्सअप, फेसबुक पर लोग छोटी दिवाली की शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन आखिर ये छोटी दिवाली है क्या? कैलेंडर या कहीं भी ‘छोटी दिवाली’ नहीं लिखा. फिर क्यों लोग दिवाली के एक दिन पहले के दिन को छोटी दिवाली कहते हैं.

दरअसल, दिवाली के एक दिन पहले ‘नरक चतुर्दशी’ होती है. कुछ जगहों पर इसे ‘रूप चतुर्दशी’ भी कहा जाता है.


shri krishna


क्या है नरक चतुर्दशी

ये दिन बुराईयों को घर से बाहर निकालने का दिन है. घर में साफ-सफाई ही नहीं बल्कि मन में छुपी नकरात्मकता को भी बाहर निकाल देना चाहिए. इस दिन यम की पूजा भी की जाती है. दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा भी माना जाता है, इसलिए रात के समय दक्षिण दिशा की ओर दिए जलाए जाते हैं.


narkasur


श्रीकृष्ण की 16 हजार राजकुमारियों का सत्य

एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षस नरकासुर का इस दिन वध किया था. नरकासुर कामवासना में लिप्त रहने वाला राक्षस था, जो स्त्रियों की इच्छा के विरूद्ध उन्हें जबरन अपने पास रखकर उन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देता था. श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध करके 16 हजार राजकुमारियों को इस राक्षस की कैद से मुक्त करवाया था. इन राजकुमारियों को इनके घरवाले अपनाने को तैयार नहीं थे, इसी कारण श्रीकृष्ण ने इन राजकुमारियों को सामाजिक स्वीकृति देने के लिए, इनसे विवाह करके इन राजकुमारियों के साथ अपना नाम जोड़ लिया. इन राजकुमारियों के लिए एक आलीशान महल बनवाया गया, जहां ये अपनी इच्छानुसार यहां रहती थीं. वहीं श्रीकृष्ण की 8 रानियों थीं, उनके साथ इन 16 हजार राजकुमारियों को भी जोड़कर कहा जाने लगा कि श्रीकृष्ण की 16 हजार 8 रानियां थीं.


diwali pic


इसलिए कहते हैं ‘छोटी दिवाली’

इस दिन को छोटी दिवाली इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन बड़ी या मुख्य दिवाली की तुलना में कम दिए जलाए जाते हैं. दक्षिण दिशा में 5 या 7 दिए जलाए जाते हैं. …Next


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