Menu
blogid : 19157 postid : 1389088

Phulera Dooj : विवाह के लिए वर्ष का सर्वोत्‍तम दिन आज पर भूलकर भी न करें ये काम

Phulera Dooj Perfect For Marriage : जिन अभिभावकों को पुत्र पुत्री विवाह योग्‍य हो जाते हैं उन्‍हें अपनी संतान के विवाह की चिंता सताने लगती है। इस चिंता में विवाह की तिथि और शुभ मुहूर्त को लेकर भी व्‍याकुलता दिखती है। शास्‍त्रों के अनुसार पूरे वर्ष में एक ऐसा दिन आता है जिस दिन विवाह करना सर्वोत्‍तम माना जाता है। यह दिन और तिथि हर साल फाल्‍गुन माह में आती है। इस तिथि को फुलेरा दूज के नाम से भी जाना जाता है।

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan 25 Feb, 2020

 

 

 

 

विवाह के लिए सर्वोत्‍तम मुहूर्त
फुलेरा दूज को हिंदू शास्‍त्रों में बड़ा ही महत्‍वपूर्ण योग बताया है। इसीलिए इस दिन सर्वाधिक विवाह समारोह भी संपन्‍न होते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्‍गुन माह के शुक्‍ल पक्ष की द्वितीया तिथि विवाह बंधन के लिए वर्ष का सर्वोत्‍तम दिन है। मान्‍यता है कि इस दिन विवाह करने से दंपति को भगवान कृष्‍ण का आशीर्वाद हासिल होता है।

 

 

 

 

होली पर्व का शुभांरभ
फुलेरा दूज इस वर्ष 25 फरवरी यानी आज है। मान्‍यताओं के अनुसार यह दिन भगवान कृष्‍ण और राधा कथा को लेकर भी महत्‍वपूर्ण है। भगवान कृष्‍ण के लिए समर्पित यह तिथि होली पर्व के शुभारंभ दिवस के तौर पर जानी जाती है। इस दिन कृष्‍ण और राधा की पूजा और व्रत का विधान बताया गया है।

 

 

 

 

राधा कृष्‍ण कथा
पौराणिक कथा के अनुसार व्‍यस्‍तता के चलते कृष्‍ण कई दिनों से राधा से मिलने वृंदावन नहीं आ रहे थे। राधा के दुखी होने पर उनके सहेलियां भी कृष्‍ण से रूठ गई थीं। राधा के उदास रहने के कारण मथुरा के वन सूखने लगे और पुष्‍प मुरझा गए। वनों की स्थिति देखकर कृष्‍ण को कारण पता चल गया और वह राधा से मिलने वृंदावन पहुंच गए।

 

 

 

 

खुशहाली का लौटना
श्रीकृष्‍ण के आने से राधा खुश हो गईं और चारों ओर फिर से हरियाली छा गई। कृष्‍ण ने एक खिल रहे पुष्‍प को तोड़ लिया और राधा को छेड़ने के लिए उनपर फेंक दिया। राधा ने भी ऐसा ही किया। यह देख वहां मौजूद ग्‍वाले और गोपिकाएं भी एक दूसरे पर फूल बरसाने लगीं। तब से आज भी प्रतिवर्ष मथुरा में फूलों की होली खेली जाती है।

 

 

 

 

दांपत्‍य के लिए अतिशुभ घड़ी
मान्‍यताओं के अनुसार जिस तिथि में कृष्‍ण और राधा ने फूलों की होली खेली वह फाल्‍गुन माह के शुक्‍ल पक्ष की द्वितीया तिथि थी। इसीलिए इस तिथि को फुलेरा दूज कहा गया। कृष्‍ण और राधा के मिलन की तिथि को अति शुभ माना जाता है और इसीलिए इस तिथि को विवाह करने वाले युगलों के बीच अपार स्‍नेह और दांपत्‍य का मजबूत रिश्‍ता बनता है।

 

 

 

 

क्‍या करें और क्‍या नहीं
इस बार फुलेरा दूज शुभ मुहूर्त 24 फरवरी की रात 11:15 बजे से शुरू होकर 26 फरवरी की दोपहर 01:39 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी तरह के नए कार्य की शुरुआत की जा सकती है। इस दिन गृह प्रवेश, दुकान का उद्घाटन, व्‍यापार का शुभारंभ और नए रिश्‍तों की शुरुआत करने को शुभ बताया गया है। इस दिन पति पत्‍नी के बीच झगड़ा, किसी से विवाद, पिता का अपमान और माता से कटु वचन को पूरी तरह वर्जित बताया गया है। शुभ मुहुर्त के दौरान कृष्‍ण की पूजा और व्रत पालन करने से सभी तरह के दुखों का नाश और सफलता में आने वाले रोड़े हट जाते हैं।…Next

 

 

 

 

Read More:

सबसे पहले कृष्‍ण ने खेली थी होली, जानिए फुलेरा दूज का महत्‍व

इन तारीखों पर विवाह का शुभ मुहूर्त, आज से ही शुरू करिए दांपत्‍य जीवन की तैयारी

जया एकादशी पर खत्‍म हुआ गंधर्व युगल का श्राप, इंद्र क्रोध और विष्‍णु रक्षा की कथा

श्रीकृष्‍ण की मौत के बाद उनकी 16000 रानियों का क्‍या हुआ, जानिए किसने किया कृष्‍ण का अंतिम संस्‍कार

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *