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मार्गशीर्ष अमावस्‍या पर हो सकते हैं कर्जमुक्‍त, पूजा से पहले जान लें क्‍या करें और क्‍या नहीं

Rizwan Noor Khan

25 Nov, 2019

हिंदू कैलेंडर के मार्गशीर्ष माह का कल पहला पखवारा पूरा हो रहा है। इसलिए 26 नवंबर को मार्गशीर्ष अमावस्‍या का शुभ दिन पड़ रहा है। इसदिन नदी स्‍नान, व्रत, जप, दान और पूजा का विधान शास्‍त्रों में बताया गया है। अगर आप कर्ज में डूबे हुए हैं तो मार्गशीर्ष अमावस्‍या इससे छुटकारा पाने का मौका है।

 

 

 

 

मुहूर्त 25 नवंबर की रात 26 की देर शाम तक
मार्गशीर्ष अमावस्‍या अनजाने में किए गए पापों की मुक्ति का मुहूर्त है। इस अमावस्‍या का अत्‍यधिक महत्‍व माना गया है। अमावस्या का मुहूर्त 25 नवंबर दिन सोमवार की रात 10:43 बजे से शुरू हो जाएगा। यह मुहूर्त 26 नवंबर दिन मंगलवार को रात 08:38 बजे पर समाप्‍त हो जाएगा। इस मुहूर्त में व्रत रखकर दान करने से अनजाने में किए गए सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है।

 

 

 

 

पितृदोष से मुक्ति का मार्ग
पितृदोष से मुक्ति चाहने वालों के लिए यह अमावस्‍या अतिमहत्‍वपूर्ण है। हिंदू मान्‍यताओं के तहत इस अमावस्‍या के मुहूर्त में गंगा स्‍नान करने के बाद पितरों की पूजा और दान करने से पितृदोष से छुटकारा मिल जाता है। इसी दिन भगवान श्रीकृष्‍ण ने महाभारत के दौरान अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। इस कारण इस मुहूर्त में विधि विधान से पूजा करने पर पूर्वजों को स्‍वर्ग में जगह हासिल होती है।

 

 

 

 

संतान प्राप्ति और कुंडली की स्थितियां बदलें
हिंदू मान्‍यताओं के अनुसार मार्गशीर्ष अमावस्‍या के दिन प्रातकाल सूर्य को गंगाजल से अर्घ्‍य देने से कुंडली में उपजे दोष मिट जाते हैं। ऐसी भी मान्‍यता है कि संतान प्राप्ति के लिए भी मार्गशीर्ष अमावस्‍या का बड़ा महत्‍व है। इस दिन सत्‍यनारायण भगवान की पूजा और कथा सुनने वाली स्त्रियों की गोद सूनी नहीं रहती है। वहीं, लोगों की कुंडली की स्थितियां भी बदल जाती हैं।

 

 

 

 

कर्ज से छुटकारा पाने का माध्‍यम
श्रीकृष्‍ण ने मार्गशीर्ष माह को अपना स्‍वरूप माना है। इस माह के 16वें दिन मार्गशीर्ष अमावस्‍या का पावन मुहूर्त पड़ रहा है। इस मुहूर्त में सही तरीके से की गई पूजा आपको कर्ज मुक्‍त करा सकती है। ऐसी मान्‍यता है कि इस दिन प्राताकाल सूर्योदय से पहले गंगा स्‍नान करना शुभ होता है। गंगा स्‍नान के बाद पूजा और व्रत रखने से जीवन के सारे कर्जों से मुक्‍त होने की मान्‍यता है।…Next

 

 

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