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Mahashivratri 2021 : भोलेनाथ के भक्त का अनूठा काम, लकड़ी-पत्थर पर बनाईं सबसे छोटी मूर्तियां

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ के भक्‍त पूजा-पाठ, दान आदि करके भोलेनाथ को खुश करते हैं और आस्‍था प्रकट करते हैं। ओडिशा के एक कलाकार ने भोलेनाथ को प्रसन्‍न करने के लिए अतिलघु मूर्तियां बनाई हैं। आर्टिस्‍ट ने लकड़ी और पत्‍थर पर शिवलिंग और शिव की अनूठी कलाकृतियां उकेरी हैं।

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan 11 Mar, 2021
Image courtesy: ANI

अतिलघु मूर्तियों से चर्चा में सत्‍यनारायण
ओडिशा के गंजम जिले में रहने वाले आर्टिस्‍ट सत्‍य नारायण महाराणा सुर्खियों में हैं। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार सत्‍य नारायण ने महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान भोलेनाथ और शिवलिंग की अतिलघु मूर्तियां बनाई हैं। यह मूर्तियां अतिलघु होने के कारण लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गई हैं।

पत्‍थर और लकड़ी पर बनाईं शिव की मूर्ति
आर्टिस्‍ट सत्‍य नारायण महाराण ने इन मूर्तियों को बनाने के लिए पत्‍थर और लकड़ी का इस्‍तेमाल किया है। पत्‍थर और लकड़ी को काटकर बनाई गईं इन मूर्तियों का साइज काफी छोटा है। लकड़ी पर उकेरी गई मूर्तियों का साइज 5 मिमी, 1.5 सेमी, 2 सेमी और 4.2 सेमी है। इसके अलावा पत्‍थर पर बनाई गई लघुमूत्रि का साइज 1.3 सेमी है।

दुनिया की अतिलघु मूर्ति बनाने का प्रयास
आर्टिस्‍ट सत्‍य नारायण ने बताया कि मैंने भगवान शिव की दुनिया की सबसे छोटी मूर्ति बनाने की कोशिश की है। उन्‍होंने कहा कि मैंने इन्हें लकड़ी (5 मिमी) और पत्थर (1.3 सेमी) का उपयोग करके बनाया है। मैंने पत्‍थर का 7 मिमी शिवलिंग और लकड़ी का 3 मिमी साइज का शिवलिंग भी बनाया है।

Artist Satya Narayan Maharana. ANI


महाशिवरात्रि पर शिव की आराधना

मान्‍यताओं के अनुसार भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह के अवसर को महाशिवरात्रि पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भोलेनाथ और पार्वती की आराधना करने से दुख और संकट दूर होने के साथ धनसंपदा और खुशहाली आती है। महाशिवरात्रि पर देशभर में पवित्र नदियों में स्‍नान और पूजा का विधान है।

 

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