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वक्त

raxcy bhai

raxcy bhai

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ऐह मेरे तकदीर
क्या करिश्मा है़!
वक्त निकल सा जाता है,
समय हाथो तले दब सा जाता है।
ऑखो का वे झोक है़,
वक्त माया का एक संकोच है।।
वक्त वक्त की बात है..
वक्त मन का एक सोच है l
वो वक्त ही क्या,
जो आता नहीं…गुजर जाता है l
गलत था हमारी सोच ओर गलत थे हम
जो वक्त आने का इंतजार करते थे l
इंतजार के दौर मे अपनों से जुदा हो चुके था l
‌वक्त वक्त की यह बात है..
कोई राह भटक जाता है…
तो यु कोई आशमा छू आता है l
अगर न गुजरे होते….
बुरे उन वक्तों पे,
तो आज मै इन मुकाम तक़ न पहुंच पाता l
श्रेय देता उन गुजरे बुरे वक्तों को
जो हर गलती पे हमें
बहुत कुछ सिखा जाता l
अपनों के प्यार….
ओरो का दुलार को देखा जाता l
पल-पल वक्त गुजर सा जाता ,
कौन… कहता अपना टाइम आएगा!
भाई… ये टाइम बड़ी कमवख्त है..
जो आता नहीं गुजर जाता है ll

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