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निर्दोष मीना

merikavitamerevichar

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किरन दो तीन दिनों से काफी परेशान थी। कई दिनों से उसकी बाईं बिन बताए गायब जो हो गई थी। किरन बर्तन धोती जा रही थी और बड़बड़ाती जा रही थी। अचानक से किसी ने दरवाजा खटखटाया। किरन ने दरवाजा खोला तो सामने उसकी बाईं मीना खड़ी रो रही थी। मीना का ये हाल देख किरन का गुस्सा छूमंतर हो गया।
किरन ने उसे अंदर बुलाया पानी पिलाया फिर उसका हाल पूछा। तब मीना ने बताया कि वो जिस दूसरे घर में काम करती थी वह तीन लाख रुपए की चोरी हो गई है और नाम उसपर लग रहा है। उनलोगो ने मीना के खिलाफ पुलिस थाने में रिपोर्ट भी कर दी है।
किरन ने मीना को खाना खिलाया और कहा कि तुम तुरंत यहां बताने क्यों नहीं आईं। मीना बोली कि वो जहां जहां काम करती थी वहां सभी ने काम बन्द करा दिया। मैंने सोचा आप भी काम नहीं कराएंगी। किरन बोली मै तुम्हे अच्छे से जानती हूं तुम ऐसा नहीं कर सकती। मै तुम्हारे साथ थाने चलूंगी। जब पुलिस बुलाए तो तुम मुझे फोन करना।
अगले दिन मीना का फोन आते ही किरन ने अपने पति को थाने भेजा। किरन के पति ने पुलिस से कहा श्रीमान ये कभी चोरी नहीं कर सकती ये मेरे घर में कई सालों से काम कर रही है। उन्होंने कहा एक बार मेरी पत्नी की अंगुठी खो गई एक महीने बाद मीना को बेड के नीचे झाड़ू लगाने पर मिली तो उसने तुरंत वापस की थी। पुलिस ने किरन के पति से कहा श्रीमान आप जैसे लोग दुनिया में बहुत कम है जो किसी की मदद के लिए थाने आए। लोग आजकल कोर्ट कचहरी से दूर रहते है। और आप अपनी बाईं के लिए थाने आए है।
अगले दिन फिर मीना के बेटे का फोन आया कि पुलिस मीना को फिर पकड़ ले गई है तो किरन ने उन सभी लोगों से साथ थाने चलने को कहा जिनके घर मीना काम करती थी। तो सभी ने यह कह कर मना कर दिया कि कहीं पुलिस ये ना कहे कि चोरी के रुपए हम लोगो के घर रख गई है। किरन ने ये बात अपने पति को बताई तो उन्होंने भी मना कर दिया चक्करों में ना पड़ो। किरन ने कहा अगर कोई मुझे चोरी के इल्जाम में फसां देता तब भी आप यही कहते। ये सुनकर वो तुरंत थाने गए और सारी बात का समाधान करके लौटे।
अगले दिन मीना मुस्कुराते हुए काम पर लौट आई पर कई लोगों ने उसे चोर समझकर काम बन्द करवा दिया। बड़ा दुख होता है जब किसी भी घर में कोई भी घटना का इल्जाम कमजोर वर्ग पर बिना सोचे समझे लगा दिया जाता है। लोगों को समझना चाहिए आपके एक गलत कदम से किसी कि रोजी रोटी बन्द हो सकती है।
पुर्णिमा गुप्ता
देहरादून उत्तराखंड
डिस्क्लेमर : उपरोक्त विचारों के लिए लेखक स्वयं उत्तरदायी हैं। जागरण जंक्शन किसी दावे या आंकड़े की पुष्टि नहीं करता है।

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