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नोट के साथ साथ देश बदलने की कोशिश ।

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नोट के साथ साथ देश बदलने की कोशिश ।

पिछले महीने मोदी सरकार द्वारा नोट बन्दी के फैसले से देश में  आर्थिक मंदी जैसे हालात हो गए ।आम जन को नोट बदलने के लिए बैंक के बाहर घंटो लाइन में खड़ा रहना पड़ा ।कालाधन के मसले को हल करने के लिए नोट बन्दी का निर्णय लिया गया था लेकिन काले धन वालो का तो पता नही सादे धन वालों को भी पैसे बदलवाने के लिए भरी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है ।आम जन को यात्रा करने ,इलाज कराने से लेकर सब्जी राशन आदी जरूरी सामान खरीदने में भी नोटबन्दी के कारण समस्या हो गयी है ।विदेशो में रखा काला धन आएगा या नही लेकिन देश में लोग अपना सादा धन भी बैंको से नही निकाल पा रहे हैं ।रोजमर्रा की जिंदगी में आफिस में काम करने वाले से लेकर मजदूरों को भी पेसो की समस्या हो रही है ।किसान बिज आदि जरूरी सामान नही खरीद पा रहे हैं।लोगो को देश के प्रधानमंत्री के फैसले पर यकीन है कि नोटेबन्दी से छिपा हुआ काला धन जरूर बाहर आएगा और देश की आर्थिक स्थिति सुधरेगी ।कालाधन को वापस लाना मोदी जी के प्रमुख चुनावी वादों में से एक था जो नोट बन्दी के फैसले से पूरा होने की उम्मीद है । एक और नोट के लिए देश में हहकर मचा हुआ है वही दूसरी और मोदी जी देश को केश लेश बनाने का सपना देख रहे है और प्रचार प्रसार कर रहे हैं।अधिक से अधिक लोगो को ऑनलाइन भुगतान ,क्रेडिट कार्ड पेमेंट ,डेबिट कार्ड पेमेंट ,इन्टरनेट बैंकिंग आदि का उपयोग कर भुगतान करने की सलाह मोदी जी दे रहे है । लेकिन मोदी जी का यह सपना धरातल से कोशो दूर है ।देश में स्मार्ट फ़ोन धारको कीसंख्या अन्य विकसित देशों की तुलना में बहुत कम है ,दूसरी समस्या आज भी इन्टरनेट की जानकारी बहुतो के पास नही है ,तीसरी समस्या इन्टरनेट की धीमी गति है ,चौथी समस्या जन धन योजना के तहत खाता खुलने के बावजूद करोड़ो लोगो के पास बैंक  खाता नही है  । अभी भी देश की एक बड़ी आबादी अशिक्षित है जो बैंकिंग कारोबार करने में या ऑनलाइन भुगतान करने में खुद को सक्षम नही मानते ।साक्षरता के बावजूद बहुत से लोगो को इंटरनेट का ज्ञान नही है कोई भी इंटरनेट सम्बन्धी काम किसी और से कराते है ऐसे में उनके लिए खुद ऑनलाइन कारोबार करने मुश्किल है ।साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं ने लोगो के मन में ऑनलाइन कारोबार के प्रति एक डर पैदा कर दिया है ।अधिक पैसे का लेनदेन करने वाले व्यपारी ऑनलाइन भुगतान को सुरक्षित नही मानते ।मोदी सरकार के ऐसे पहल से कितने लोग जुड़ेंगे और केश लेश पेमेंट को बढ़ावा देंगे यह भविष्य ही बताएगा ।सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कितने लोग इस अभियान में जुड़ते है और सुरक्षित कारोबार करते है यह आने वाले समय में ही पता चलेगा ।

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