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कीचड़ में कमल खिलाने की फिराक में भाजपा

कुछ कहना है ©
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कांग्रेस सरकार की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह कहना मुश्किल होगा कि कांग्रेस 2014 मंे अपनी सरकार कायम रख पाने मंे सफल होगी। एसे मंे भाजपा के लिए यह एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है, लेकिन पार्टी मंे फैली अंदरुनी कलह और एकजुटता न होने के कारण भाजपा भी 2014 मंे होने वाले आम चुनावों मंे 273 सीटों का जादुई आकड़ा छूने मंे अक्षम नजर आ रही है।
2014 मंे अगर भाजपा पूर्ण बहुमत हासिल नहीें कर पाती है तो उसे सरकार बनाने के लिए गठबंधन का सहारा लेना ही पड़ेगा , जिसमें यह साफ जाहिर है कि सपा तो कभी भी भाजपा से हाथ नही मिलाएगी। अगर यही हालात रहे तो भाजपा के सरकार बनाने के आसार न के बराबर है। फिर भी भाजपाई अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है और तो और दर्जनों भाजपाई एक दूसरे पर कीचड़ उछालते हुए प्रधानमंत्री पद के लिए खुद की दावेदारी भी पेश कर रहे हैं।
ऐसा लगता है कहीं भाजपा इस कहावत के भरोसे तो नहीं बैठीे है कि ‘‘कमल तो कीचड़ में ही खिलता है ’’। क्यों कि कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार रूपी कीचड़ के साथ मंहगाई रूपी जो दलदल पैदा किया है उसे हाथी और साईकिल बिना सहारे के अकेले पार नहीं कर सकते। एसे में कीचड़ में कमल का खिलना स्वाभाविक है। अब अरविंद केजरीवाल नामक कीटनाशक जहर कहीं पौधे को नष्ट न कर दे।

प्रशांत सिंह

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