Menu
blogid : 27419 postid : 27

युवा का अब आगाज हो

प्रज्ञेश कुमार ”शांत“

  • 4 Posts
  • 0 Comment

युवा का अब आगाज हो,

एक नया अन्दाज़ हो,

सिंह की आवाज हो,

हर युवा जांबाज़ हो।

हृदय विशाल जहाज़ हो,

निर्भीक समक्ष यमराज हो,

उज्ज्वल आभामय पुखराज़ हो,

योग्य योद्धा योगीराज हो।

जहाँ उम्र की दराज हो,

वहाँ बड़ों का लिहाज़ हो,

हर ताज में सरताज हो,

सर्वत्र यही रिवाज़ हो।

बुराई पर ऐतराज हो,

नाकामी पर नाराज़ हो,

सुशिक्षित सुरक्षित स्वराज हो,

हर युवा युवराज हो।

हर बहन का वो नाज हो,

भाई-भाई का समाज हो,

कभी ना हुआ वो आज हो,

युवा का अब आगाज हो।

-✍️ प्रज्ञेश कुमार “शांत”

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *