Menu
blogid : 28044 postid : 16

दीपों का त्यौहार

blogs of prabhat pandey
blogs of prabhat pandey
  • 29 Posts
  • 1 Comment

दीपों की जगमग है दिवाली
दीपों का श्रृंगार दिवाली
है माटी के दीप दिवाली
मन में खुशियाँ लाती दिवाली ||
रंगोली के रंग दिवाली
लक्ष्मी संग गणपति का आगमन दिवाली
स्नेह समर्पण प्यार भरी
मिठास का विस्तार दिवाली
अपनों के संग अपनों के रंग में
घुल जाने की प्रीति दिवाली
हाथी घोड़े मिट्टी के बर्तन
फुलझड़ियों का खेल दिवाली ||
जब कृष्ण ने बजाई थी बांसुरी
होली के रंग छलके थे
राम राज्य के आगमन से
झिलमिल तारे चमके थे
ईश्वर प्रदत्त वरदान है ये
मिलकर पर्व मनाते हैं
तन में तिमिर न आए फिर से
ज्योतिर्गमय मन को बनाते हैं
तम को दूर भगाकर
प्यार का रास रचती दिवाली
फूलों की खुशबू में ,चंदन सी खुशबू दिवाली ||
‘प्रभात’ जग में कैसी रीति है आई
लोगों ने जाति धर्म से है प्रीति लगाई
मन्दिर मस्जिद हों भले अनेक
ईश्वर तो सिर्फ एक है भाई
जाति धर्म की रीत पाटकर ,बनो सभी भाई भाई
आओ ,मन मुटाव से दूर निकलकर
आशा के दीप जलाते हैं
जिसमें सभी संग दिखें
कुछ ऐसी तस्वीर बनाते हैं
जो जीवन के पथ में हैं भटके
उनको नई राह दिखलाते हैं
आओ मिल जुल कर
दीपावली मनाते हैं ||

 

डिस्क्लेमर: उपरोक्त विचारों के लिए लेखक स्वयं उत्तरदायी हैं, जागरण डॉटकॉम किसी भी दावे, आंकड़े या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है।

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *