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राज्यसभा के बाद यूपी में एक बार फिर होगी विधायकों की ‘परीक्षा’!

उत्‍तर प्रदेश की 10 राज्‍यसभा सीटों पर हुआ चुनाव जबरदस्‍त सुर्खियों में रहा। भाजपा के 8 प्रत्‍याशी और सपा के एक प्रत्‍याशी के जीत दर्ज करने के बाद 10वीं सीट पर रोमांच आखिरी समय तक बना रहा। दिन भर लगाए गए कयासों के बाद अंतत: इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। इसके बाद राजनीतिक पार्टियों में आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर भी चला। बसपा ने भाजपा पर धनबल से चुनाव जीतने का आरोप लगाया। अब एक बार फिर यूपी के विधायकों की परीक्षा होने वाली है, क्‍योंकि अगले महीने प्रदेश में विधान परिषद सदस्‍यों के चुनाव प्रस्‍तावित हैं। आइये आपको बताते हैं कि कितनी सीटों पर होने हैं विधान परिषद के चुनाव और क्‍या बन रहे समीकरण।

 

 

अगले महीने जारी हो सकती है चुनाव की अधिसूचना

उत्‍तर प्रदेश विधान परिषद के 13 सदस्‍यों का कार्यकाल 5 मई को खत्म हो रहा है। अब अगले महीने प्रस्तावित विधान परिषद चुनाव में फिर विधायकों की परीक्षा होगी। हालांकि, वोटों का जो समीकरण है, उससे सत्ता पक्ष और विपक्ष में संघर्ष के आसार कम ही हैं। विधान परिषद की 12 सीटें 5 मई को खाली हो रही हैं। वहीं, सपा से बसपा में गए अंबिका चौधरी के इस्तीफे के चलते एक सीट पहले से ही खाली चल रही है। इसमें 7 सीटें सपा, 3 बसपा, 2 भाजपा और एक आरएलडी की है। इन 13 सीटों पर चुनाव की अधिसूचना अप्रैल के पहले हफ्ते में जारी होने के आसार हैं।

 

 

भाजपा गठबंधन के खाते में 11 सीटें जानी तय

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा 402 सदस्य संख्या के अनुसार एमएलसी (विधान परिषद) की एक सीट के लिए 29 वोटों की जरूरत होगी। इस हिसाब से भाजपा गठबंधन के खाते में 11 सीटें जानी तय हैं। इसके बाद उसके पास 5 वोट ही अतिरिक्त बचेंगे। वहीं, बसपा के समर्थन से आसानी से सपा अपनी दो सीटें फिर वापस पा लेगी। अगर कांग्रेस का वोट भी जोड़ दिया जाए, तो विपक्ष के पास कुल 71 वोट होंगे, जो दो सीटों के लिए निर्धारित कोटे से 13 अधिक हैं।

 

 

क्रॉस वोटिंग की आशंका रहती है अधिक

विधान परिषद चुनाव में विधायकों के लिए राज्यसभा की तरह अपना वोट दिखाने की बाध्यता नहीं होती है। ऐसे में इस चुनाव में राज्‍यसभा की तुलना में अधिक क्रॉस वोटिंग की आशंका रहती है। हालांकि, फिलहाल 12वीं सीट जीतने के लिए पर्याप्‍त वोट न भाजपा के पास दिख रहे हैं और न ही दो के बाद तीसरी सीट जीतने का माद्दा विपक्ष में दिख रहा है। ऐसे में विधान परिषद में घमासान की बजाय निर्विरोध निर्वाचन होने के ही आसार ज्यादा हैं।

 

 

अखिलेश समेत इनका कार्यकाल होगा खत्‍म

विधान परिषद के जिन 13 सदस्‍यों का कार्यकाल खत्‍म हो रहा है, उनमें सपा से पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव, नरेश चंद्र उत्तम, राजेंद्र चौधरी, मधु गुप्ता, रामसकल गुर्जर, विजय यादव और उमर अली खान शामिल हैं। वहीं, बसपा से विजय प्रताप व सुनील कुमार चित्तौड़ और भाजपा से महेंद्र कुमार सिंह व मोहसिन रजा का कार्यकाल पूरा होगा। इसके अलावा रालोद के चौधरी मुश्ताक भी विधान परिषद में अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। वहीं, अंबिका चौधरी ने सपा से बसपा में जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था, जिससे उनकी सीट भी खाली हो गई है…Next

 

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