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कार पर तकरार: आखिर क्यूँ वापस माँगी इन्होंने केजरीवाल से अपनी ”ब्लू वैगन आर”?

भारतीय इतिहास में दान के अनेक किस्से मशहूर हैं. ऐसे किस्से जिनको सुनकर हर भारतीय नागरिक अपनी परम्परा पर गर्व कर सकता है. चाहे वो दधीचि द्वारा अपनी हड्डियों के दान का किस्सा हो या किसी विश्वविद्यालय के लिये दिया गया दान अथवा आपात स्थिति से निपटने के लिये प्रधानमंत्री कोष में दिया गया दान हो. दान वापस माँगने के लिये नहीं दी जाती. यही बात उपहार पर भी सटीक बैठती है.


kejriwal car


लेकिन यहाँ एक ऐसे दान की बात लिखी जा रही है जिसमें दान देने वाला करीब एक-डेढ़ साल बाद वापस भेंट की गयी वस्तु माँग रहा है. नीले रंग की वैगन आर पिछले साल लगभग सभी अख़बारों, समाचार चैनलों और ऑनलाइन मीडिया की सुर्खियों में रही थी. अब यह फिर चर्चा में है. पिछली बार किसी और कारण से और इस बार किसी दूसरे कारण से. पिछले वर्ष ‘आआपा’ से मुख्यमंत्री बने अरविंद केजरीवाल जिस गाड़ी से सचिवालय पहुँचे थे वो गाड़ी उन्हें कुंदन शर्मा ने दान के रूप में दी थी.


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यह कार लंदन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर कुंदन शर्मा की पत्नी श्रद्धा के नाम पर पंजीकृत है. कुंदन शर्मा अपने ट्विटर खाते पर लगातार ट्वीट के जरिये दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अपनी कार वापस माँग रहे हैं. इसके अलावा कुंदन गत वर्षों में ‘आआपा’(आम आदमी पार्टी) को चंदे के रूप में दी गयी सारी राशि वापस माँग रहे हैं. उनका कहना है कि इस पार्टी से उनका मोह भंग हो चुका है. ये वही कार है जिसके बगल में दिल्ली के मुख्यमंत्री हाड़ कँपकँपा देने वाली शीत में आसमान के नीचे खुली सड़क पर धरना देते हुए सोये थे. ये वही कार है जिस पर बैठकर 49 दिनों तक सत्ता में रहने वाली पार्टी के सर्वोच्च नेता ने दिल्ली की सेवा का संकल्प लिया था. इसी कार के कारण जनवरी 2014 में दिल्ली के मुख्यमंत्री ने सरकारी वाहन लेने से इंकार कर दिया था.


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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गत वर्ष ही यह कार अपनी पार्टी के एक उम्मीदवार को भेंट कर दी. ऐसे में सवाल यह उठता है कि अरविंद केजरीवाल अब किस तरह उपहार में दी जा चुकी कार को वापस कुंदन शर्मा को लौटायेंगे? लेकिन सवाल यहीं ख़त्म नहीं हो जाता. सवाल दानकर्ता कुंदन शर्मा की नैतिकता पर भी उठाये जायेंगे कि क्या अपनी इच्छा से दान की हुई वस्तु और पैसे को वापस माँगने का उनको कोई नैतिक हक़ है? अगर ऐसा है तो क्या उन्होंने किसी स्वार्थवश आम आदमी पार्टी को चंदे में करीब एक लाख की राशि और उस पार्टी के संयोजक से मुख्यमंत्री बने अरविंद केजरीवाल को नीली वैगन आर कार उपहार में दी थी? इसे ‘कार की राजनीति’ या ‘राजनीतिक कार’ कहना और समझना पाठक के जिम्मे है. Next….


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