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आजम खान की हरकत याद करके मंच पर फूट-फूटकर रोने लगीं जयाप्रदा, कहा ‘मेरी राखी की नहीं रखी लाज’

Pratima Jaiswal

4 Apr, 2019

‘मैं रामपुर कभी छोड़ना नहीं चाहती थी लेकिन मुझे छोड़ना पड़ा क्योंकि मुझे लगातार आजम खान धमकी दे रहे थे। उन्होंने मेरे ऊपर एसिड अटैक का प्रयास किया।’ आजम खान पर कुछ ऐसे ही आरोप लगाते हुए अभिनेत्री से नेता बनी जयाप्रदा ने जनता को सम्बोधित किया। बुधवार को जया प्रदा ने अपना नामांकन कराया और आजम खान पर जमकर हमला बोला। मंच से पब्लिक को संबोधित करते हुए जया प्रदा फूट-फूटकर रोईं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एसपी कार्यकाल में यूपी के कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान पर गंभीर आरोप लगाए।

 

 

‘आजम खान ने किया था एसिड अटैक का प्रयास’
जया प्रदा ने आजम खान पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके ऊपर एसिड अटैक का प्रयास किया। उन्होंने तो यहां तक कह डाला कि आजम खान के डर से ही वह राजनीति से दूर हो गई थीं। वहीं आजम खान का कहना है कि उन्हें ऐसे शब्द कहने के लिए उकसाया जा रहा है ताकि उन्हें लोकसभा में जाने से रोका जा सके।

 

‘मेरी राखी का नहीं किया सम्मान’
जया प्रदा नामांकन दाखिल करने के बाद बुधवार को रामलीला मैदान में एक रैली में पहुंचीं। यहां वह पब्लिक के सामने आंखों से आंसू बहाते हुए बोलीं, ‘मैं रोना नहीं चाहती थी। मैं मुस्कुराना और जीना चाहती हूं। मुझे अब कोई डर नहीं है। मैं नरेंद्र मोदी की बीजेपी की बहादुर महिला हूं। मैं आजम खान को अपना भाई कहती थी, लेकिन उन्होंने मेरी राखी का सम्मान नहीं किया।’

 

 

आजम खान की इस हरकत हुई थी दुश्मनी
मई, 2009 में जयाप्रदा ने सपा नेता और विधायक आजम खान पर उनकी मॉर्फ्ड तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप लगाया था। उस वक्त उन्होंने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा था, ‘वो मेरे बड़े भाई जैसे हैं लेकिन वह मेरे ख़िलाफ सस्ते प्रचार अभियान में शामिल होकर मेरी छवि खराब कर रहे हैं वो मेरी मार्फ्ड तस्वीरें वायरल कर रहे हैं। जयाप्रदा ने ये भी कहा था कि आज़म खान और उनके समर्थकों ने मेरे कुछ पोस्टर और एक सीडी जारी की है। लोकसभा चुनाव 2019 में उनकी दावेदारी सपा के उम्मीदवार आजम खान के खिलाफ है। एक वक्त वो भी था जब आजम खान उनके लिए रामपुर की जनता से वोट मांगा करते थे, लेकिन अब दोनों एक दूसरे के खिलाफ खड़े नजर आएंगे।

 

 

 

रामपुर सीट की दशा खस्ताहाल
वहीं, राजनीतिक विवादों से परे अगर यहां की जमीनी हकीकत की बात करें तो यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हालत बेकार है। वहीं, कूड़े का निपटान के अलावा यहां आधारभूत सुविधाओं की रेस में पिछड़ा हुआ है। केंद्रीय आवास और शहरी कार्य की लिस्ट में सामने आया था कि रामपुर के सवा तीन लाख निवासी रोजाना करीब 165 टन कूड़ा निकालते हैं। रामपुर लोकसभा सीट के अंदर 5 विधानसभा सीटें हैं- सुआर, चमरउआ, बिलासपुर, रामपुर, मिलक। 2014 के चुनाव के दौरान यहां की आबादी सवा तीन लाख है जबकि वोटर 1,154,544। कहा जाता है कि पूरे यूपी में सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या वाली सीट रामपुर ही है।…Next

 

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