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शशि थरूर की किताब में पीएम के लिए विवादित टिप्पणी, इन किताबों ने भी राजनीति में मचाया है बवाल

Pratima Jaiswal

29 Oct, 2018

राजनीति के गलियारों में अक्सर बयानबाजियों का दौर चलता रहता है। कभी-कभी तो बयानबाजियां इतनी बढ़ जाती हैं कि एक मुद्दा बन जाता है। जिसे बाकी नेता भुनाने की कोशिश में लग जाते हैं। अभी हाल ही में अपनी नई किताब ‘द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर’ को लेकर सुर्खियां बटोर रहे कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी पर एक टिप्पणी की थी। थरूर ने कहा कि जिस पत्रकार का उन्होंने किताब में संदर्भ दिया है, उनसे एक अनाम आरएसएस सूत्र ने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी शिवलिंग पर बैठे बिच्छू की तरह हैं।

 

 

बेंगलुरु लिट फेस्ट में हिस्सा लेने गए शशि थरूर ने यहां अपनी किताब से कुछ पन्ने भी पढ़े। उन्होंने कहा, ‘एक असाधारण रूपक है जिसका जिक्र आरएसएस के अनाम सूत्र ने एक जर्नलिस्ट से किया था। इस घटना के बाद से राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।  ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब किसी नेता की किताब में विवादित टिप्पणी हो, इससे पहले भी कई किताबों ने राजनीति की गलियों में हंगामा मचाया है।
एक नजर।

 

द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर

 

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रह चुके संजय बारू की इस किताब ने मनमोहन सिंह से जुड़े कई किस्सों को सबके सामने रख दिए थे। इस किताब में मनमोहन सरकार को सोनिया गांधी के हाथों की कठपुतली बताया गया था। जिसपर काफी विवाद हुआ था।

 

द रेड साड़ी

 

जावियर मोरो एक स्पेनिश राइटर जिन्होंने सोनिया गांधी की जिंदगी पर आधारित किताब लिखी थी। इस किताब को रिलीज होने से रोका गया था क्योंकि इसमें सोनिया के निजी और राजनीतिक जीवन के बारे में काफी कुछ लिखा गया था। किताब में एक जगह बताया गया है कि सोनिया गांधी अपने पति पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के बाद देश को छोड़ देना चाहती थी। हालांकि, सोनिया ने मानहानि का मुकदमा दायर करते हुए इस किताब को झूठ से भरा हुआ बताया था।

 

जिन्ना : इंडिया पार्टीशन इंडिपेंडेंस

 

नेता जसवंत सिंह की लिखी इस किताब के रिलीज होने से पहले ही राजनीति में काफी विवाद मचा दिया था। इस किताब में टिप्पणी की गई है कि भारत और पाकिस्तान के अस्तित्व में आने के पीछे जिन्ना बेवजह बदनाम हुए और दरअसल यह जवाहरलाल नेहरू की वजह से हुआ। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने इस किताब की बहुत आलोचना की थी।

 

 

द मूअर्स लास्ट साई

 

सलमान रूश्दी की इस किताब में मुंबई की मुंबई के एक परिवार के 600 साल पुराने इतिहास को बताती है। व्यंग्य का इस्तेमाल करके लिखी गई बातों में कई जगह महाराष्ट्र की राजनीति का अहम चेहरा रह चुके बाल ठाकरे के जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में लिखा गया है, जिसपर जमकर हंगामा हुआ था।

 

वन लाइफ इज नॉट इंनफ

 

 

केबिनेट मंत्री रहे नटवर सिंह की इस किताब में सोनिया गांधी के द्वारा पीएम कुर्सी को छोड़ने की वजह को लिखा गया है, जिसमें कई ऐसी घटनाएं लिखी गई है, जो काफी विवादित रही…Next

 

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