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Meira Kumar – लोकसभा की पहली महिला अध्यक्ष मीरा कुमार

meira kumarमीरा कुमार का जीवन-परिचय

भारतीय लोकसभा की पहली महिला अध्यक्ष और पूर्व उप-प्रधानमंत्री व प्रतिष्ठित दलित नेता बाबू जगजीवन राम की पुत्री मीरा कुमार का जन्म 31 मार्च, 1945 को बिहार राज्य के पटना जिले में हुआ था. पेशे से वकील मीरा कुमार ने अपनी पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाऊस कॉलेज और इन्द्रप्रस्थ कॉलेज से संपन्न की है. बेजोड़ खेल-प्रतिभा की धनी मीरा कुमार एक अच्छी कवियित्री भी हैं. वर्ष 1968 में मीरा कुमार का विवाह उच्चतम न्यायालय के वकील मंजुल कुमार से हो गया था. इनकी 2 पुत्रियां और एक पुत्र हैं.

मीरा कुमार का व्यक्तित्व

मीरा कुमार की वाकशैली बहुत नम्र है. वह शांत और सहनशील व्यक्तित्व वाली महिला हैं. भारतीय संसदीय इतिहास में पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का मुद्दों के प्रति गंभीर और संजीदा दृष्टिकोण उनके व्यक्तित्व की सकारात्मक विशेषता है.


मीरा कुमार का राजनीतिक सफर

वर्ष 1973 में विदेश सेवा में शामिल होने के कारण मीरा कुमार स्पेन, लंदन और मॉरिशस जैसे कई देशों में नियुक्त रहीं और साथ ही बेहतर प्रशासक भी साबित हुईं. 1977 से 1979 तक मीरा कुमार ने लंदन के भारतीय उच्चायोग और 1980 से 1985 तक विदेश मंत्रालय में भी अपनी सेवाएं दीं. चुनावी राजनीति में मीरा कुमार का आगमन 1985 में हुआ. इन चुनावों में मीरा कुमार ने मायावती और रामविलास पासवान जैसे मजबूत प्रतिनिधियों को हरा बिजनौर सीट पर विजय प्राप्त की थी. इसके अलावा दिल्ली की करोल बाग सीट से भी मीरा कुमार तीन बार विजयी हुईं. यद्यपि 1999 के चुनावों में मीरा कुमार को हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन 2003 और 2009 के चुनावों में मीरा कुमार अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र सासाराम से चुनाव लड़ीं, जहां उन्हें बहुमत प्राप्त हुआ. वर्ष 2004 से 2009 तक मीरा कुमार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में भी कार्यरत रहीं. वर्ष 2009 में बतौर कैबिनेट मंत्री मीरा कुमार जल संसाधन मंत्रालय में नियुक्त हुईं लेकिन सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष बनने के बाद तीन दिनों में ही उन्होंने अपना इस्तीफा कैबिनेट मंत्री के पद से दे दिया.


भारतीय इतिहास में विशेष रुचि रखने वाली मीरा कुमार को कला और साहित्य से भी विशेष लगाव है. उन्हें देश-विदेश की ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण करने का भी शौक है. विदेश सेवा में कार्यरत होने के कारण बड़े पैमाने पर उन्होंने विदेश यात्राएं की हैं. हस्तशिल्प प्रेमी होने के अलावा मीरा कुमार एक अच्छी कवियित्री भी हैं. वह अपना खाली समय किताबें पढ़ने और शास्त्रीय संगीत सुनने में व्यतीत करती हैं. उनकी लिखी कई कविताएं प्रकाशित भी हुई हैं.


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