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दुनियाभर में 2 अरब लोग दूषित पानी पीने को मजबूर, अगले 30 वर्षों में आधी आबादी पर पेयजल का गंभीर खतरा

Rizwan Noor Khan

22 Mar, 2021

बदलते परिवेश और दुनिया के साथ साल दर साल पेयजल संकट गहराता जा रहा है। दुनियाभर के अलग अलग हिस्‍सों में 2 अरब से अधिक लोग हर दिन दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। अगले 30 वर्षों में दुनियाभर की आधी आबादी गंभीर स्‍वच्‍छ जल के संकट से जूझेगी। यूएन रिपोर्ट में जल संरक्षण और वैश्विक जल समस्‍या पर कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

Image courtesy: UN Twitter

हर साल 22 मार्च को विश्‍व जल दिवस
22 मार्च को हर साल जल संरक्षण के लिए वैश्विक स्‍तर पर विश्‍व जल दिवस पर मनाया जाता है। सबसे पहले इसकी शुरुआत 1992 में हुई थी। 1993 में यूएन ने इसे वैश्विक स्‍तर पर वर्ल्‍ड वॉटर डे के रूप में घोषित कर दिया। यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के कई हिस्‍सों में स्‍वच्‍छ जल की मात्रा घट रही है। जबकि, कई देशों का भूगर्भ जल स्‍तर अनुमान से अधिक नीचे चला गया है। रिपोर्ट के अनुसार हर रोज 200 करोड़ से अधिक लोगों को स्‍वच्‍छ जल नहीं मिल पाता है।

हर तीसरा शख्‍स स्‍वच्‍छ पानी से वंचित
दुनियाभर में तेजी से घट रहे स्‍वच्‍छ जल के कारण हर तीसरा शख्‍स दूषित पानी पीने के लिए मजबूर है। रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक विश्‍व की आधी आबादी पेयजल के गंभीर खतरे से जूझेगी। जबकि, अगले 30 वर्षों में 5 अरब से ज्‍यादा लोग ऐसे स्‍थानों में रह रहे होंगे जहां जलसंकट होगा या शुद्ध पेयजल की उपलब्‍धता कम होगी।

पीएम मोदी ने शुरू किया जलशक्ति अभियान
जल संकट से निपटने के लिए यूएन कई तरह के जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके अलावा कई देश अपने स्‍तर पर अभियान चला रहे हैं। भारत में जल संकट से बचने और स्‍वच्‍छ जल के लिए लंबे समय से अभियान चल रहे हैं। इस वर्ष भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व जल दिवस के मौके पर जलशक्ति अभियान ‘कैच द रेन’ को लॉन्च किया है।

Image courtesy: World Wildlife Fund

जलसंकट के कारण और बचाव
जलसंकट की बड़ी वजह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना माना जा रहा है। वहीं, हर साल बढ़ते तापमान से भूगर्भ जल की मात्रा कम हो रही है। पेड़ों की कटान भी बड़ा कारण है। वहीं, रोजमर्रा की जिंदगी में मानव द्वारा की जा रही जल की बर्बादी भी जलसंकट का एक कारण है। इससे बचने के लिए वर्षा जल संचयन, वनस्‍पति के रखरखाव, नदी-झील और तालाबों के जलस्रोत बचाने समेत कई उपाय जलसंकट से बचा सकते हैं।…NEXT

 

 

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