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हैंगओवर की दवा के लिए ​शिकार हो रहे काले गेंडे, सालाना हजारों की हत्या से खत्म हो रही प्रजाति

Rizwan Noor Khan

22 Sep, 2020

पत्‍थर जैसी मोटी चमड़ी और नुकीले सींग के चलते गेंडा हमेशा से ही मनुष्य के लिए कौतूहल का विषय रहा है। दुनियाभर में गेंड़ों की 5 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें काले गेंडे की प्रजाति को दुर्लभ घोषित किया जा चुका है। पारंपरिक दवाओं में गेंडे के अंगों का इस्तेमाल करने के लिए बड़े पैमाने पर इनका अवैध शिकार किया जा रहा है। लगातार शिकार के चलते अब इनकी संख्‍या नाम मात्र ही बची है।

Image courtesy : IANS

साल भर में 1338 काले गेंडों का शिकार
यूनाइटेड नेशन की रिपोर्ट के मुताबिक काले गेंडे को लेकर आए आंकड़े बहुत ही चौंकाने वाले हैं। अफ्रीकी और एशियाई देशों में पाई जाने वाली काली नस्‍ल के गेंडों की तस्‍करी के लिए इनका शिकार बढ़ गया है। साल 2015 में केवल अफ्रीकी देशों में 1338 काले गेंडों को तस्‍करों ने अपना शिकार बना लिया है।

विश्‍व में सिर्फ 5600 काले गेंडे बचे
वैश्विक प्रतिबंध के बावजूद दक्षिण अफ्रीका में 2007 से 2014 के दौरान काले गेंडों के शिकार में बेतहाशा बढ़ोत्‍तरी हुई है। केवल 2014 में 1200 काले गेंडों को अवैध तरीके से मार दिया गया। इससे पहले सबसे ज्‍यादा इन गेंडों का शिकार 1970 से 1992 के बीच हुआ था। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के मुताबिक दुनियाभार में अब सिर्फ 5600 काले गेंडे ही बचे हैं।

यूएन ने विश्‍व समुदाय को चेतावनी जारी की
इकोसिस्‍टम के इंजीनियर्स कहे जाने वाले काले गेंडों के शिकार से पर्यटन को भारी नुकसान होने के साथ ही इनकी प्रजाति के खत्‍म होने का खतरा बढ़ गया है। गेंडों की इस दुर्लभ प्रजाति के लगातार होते शिकार को लेकर यूनाइटेड नेशन ने गहरी चिंता जताई है। वहीं, पशुओं के लिए काम करने वाली वैश्विक संस्‍थाओं ने दुनियाभर के शीर्ष नेताओं को चेतावनी जारी कर इनके संरक्षण पर जोर देने को कहा है।

Image courtesy : UNEP

सींग और चमड़ी के लिए मारे जा रहे गेंडे
रिपोर्ट में काले गेंडों के शिकार के पीछे इनकी सींग और चमड़ी वजह बनी है। इनकी सींग में बड़ी मात्रा में केराटिन नाम का प्रोटीन मौजूद रहता है। यह प्रोटीन काले गेंडे के बालों और खुरों के साथ पीठ की चमड़ी में प्रचुर मात्रा में होता है। इस प्रोटीन से कई तरह की जानलेवा बीमारियों से निजात दिलाने की दवाएं बनाई जाती हैं। सींग से बना पाउडर हैंगओवर खत्‍म करने की अचूक दवा माना जाता है। इसे अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में भारी कीमत में बेचा जाता है।

Image courtesy : IANS

भारत में अवैध शिकार 86 प्रतिशत घटा
भारत के पर्यावरण और वन मंत्री परिमल सुकालवैद्य ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि पिछले तीन साल में गेंडे के बेशकीमती सींगों के लिए होने वाले अवैध शिकार में 86 प्रतिशत की कमी आई है। इसके चलते असम में एक सींग वाले गेंडों की संख्या 2,640 हो गई है। दुनियाभर में सबसे ज्यादा एक सींग वाले गेंडों की संख्या असम में सबसे अधिक है।

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