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पहले से और जानलेवा हो गई बच्चों की ये बीमारी, हर साल 8 लाख बच्चों की ले लेती है जान

Rizwan Noor Khan

12 Nov, 2020

ठंड के मौसम में छोटे बच्चों की सेहत का ख्याल रखना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। सर्द मौसम में एक खतरनाक बीमारी बच्चों के लिए मुसीबत बन जाती है। इसे न्यूमोनिया के नाम से जाना जाता है। भारत समेत दुनियाभर में न्यूमोनिया की वजह से हर साल कई लाख बच्चों की जान चली जाती है। सबसे ज्यादा बच्चों की मौत इसी बीमारी से होती है।

Image courtesy : WHO

न्यूमोनिया बच्चों का सबसे बड़ा दुश्मन
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वायरस और बैक्टीरिया के जरिए बच्चों में फैलने वाली न्यूमोनिया बीमारी ने पहले से और भी जानलेवा रूप बना लिया है। न्यूमोनिया बच्चों के लिए बेहद खतरनाक बीमारी है। यह श्वसन तंत्र और पाचन तंत्र पर हमला करके इंफेक्शन पैदा कर देती है जो सही उपचार नहीं मिलने पर जानलेवा साबित होती है।

श्वसन और पाचन तंत्र डैमेज होने का खतरा
WHO ने विश्व न्यूमोनिया दिवस पर इस बीमारी से संबंधित आंकड़े जारी किए हैं। WHO के अनुसार दुनियाभर के बच्चों के लिए यह सबसे खतरनाक बीमारी है। 5 साल तक के बच्चों की मौत का सबसे बड़ा कारण भी यही बीमारी है। वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमण से फैलने वाली यह बीमारी बहुत तेजी से बच्चों के श्वसन तंत्र को निष्क्रिय करती है।

Image courtesy : WHO

हर साल 8 लाख बच्चों की चली जाती है जान
रिपोर्ट के मुताबिक यह खतरनाक बीमारी पहले से अधिक जानलेवा रूप अख्तियार कर लिया है। त्वरित उपचार नहीं मिलने पर बच्चों की जान चली जाती है। WHO के अनुसार इस खतरनाक बीमारी से हर साल दुनियाभर में 8 लाख से ज्यादा बच्चों की मौत होती है। अकेले 2017 में 80,86,94 बच्चों की मौत हो चुकी है।

भारत में भी हर साल मरते हैं 1.40 लाख बच्चे
भारत में भी हर साल इस बीमारी से बड़ी संख्या में छोटे बच्चों की मौत होती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में हर साल न्यूमोनिया के कारण 140000 से ज्यादा बच्चों की मौत हो जाती है। इस बीमारी का इलाज और वैक्सीन उपलब्ध होने के बावजूद देरी होने से बच्चों की मौतों का आंकड़ा दुनियाभर में बढ़ा है।

न्यूमोनिया के लक्षण और पहचान
न्यूमोनिया से बच्चों को बचाने के लिए सबसे पहले इस बीमारी को समझना बेहद जरूरी है। वायरस के संक्रमण से फैलने वाली इस बीमारी में बच्चों की पसलियां चलने लगती हैं मतलब बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होती है। बुखार, खांसी, जुकाम, सीने में दर्द आदि इसके मुख्य लक्षण हैं। न्यूमोनिया के चलते बच्चों को डायरिया भी हो जाता है।

बचाव के तरीके और सावधानी
बच्चे को न्यूमोनिया से बचाने के लिए संबंधित लक्षण सामने आते ही चिकित्सक से संपर्क करें। इसके अलावा बच्चों का वैक्सीनेशन कराएं, अच्छा और साफ भोजन, फल खिलाएं, प्रदूषण से बच्चों को दूर रखें और बच्चों के आसपास धूम्रपान नहीं करें। इसके अलावा बच्चों को घर में साफ सफाई के साथ रखें, उन्हें गंदे पानी और मिट्टी से दूर रखें।…NEXT

 

 

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