Menu
blogid : 26149 postid : 3874

बचपन में जिसे दूध पसंद नहीं था वो बड़ा होकर बना मिल्कमैन, फिल्म ने जीता था नेशनल अवॉर्ड

दुनियाभर के लोगों के लिए दूध सबसे महत्‍वपूर्ण खाद्य पदार्थ माना जाता है। इसमें शरीर के लिए जरूरी विटामिंस और प्रोटींस, आयरन समेत कई तरह के पौष्टिक तत्‍व मौजूद होते हैं। भारत में दुग्‍ध उत्‍पादन और इसके उपयोग को बढ़ावा देने का काम डॉक्‍टर वर्गीज कुरियन ने किया था। उनकी वजह से श्‍वेतक्रांति का आगाज हुआ और भारत दुनिया का अग्रणी दुग्‍ध उत्‍पादक देश बना। वर्ल्‍ड मिल्‍क डे 2021 पर जानते हैं
श्‍वेत क्रांति और वर्गीज कुरियन के बारे में।

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan 1 Jun, 2021
Dr. Verghese Kurien.

बचपन में दूध नहीं था पसंद
दुग्‍धक्रांति के जनक वर्गीज कुरियन ने अपनी किताब आई टू हैड अ ड्रीम (I Too Had a Dream) में अपने जीवन के कई रोचक किस्‍से साझा किए हैं। वर्गीज कुरियन ने किताब में जिक्र किया है कि उन्‍हें बचपन में दूध पीना पसंद नहीं था। लेकिन, जब वह थोड़े बड़े हुए तो उन्‍हें दूध की खूबियां पता चलीं और दुग्‍ध उत्‍पादन में भारत को अग्रणी बनाने के अभियान में जुट गए।

केरल में जन्‍मे डॉक्‍टर कुरियन
मिल्‍कमैन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर डॉक्‍टर वर्गीज कुरियन का जन्‍म केरल के कोझीकोड में 26 नवंबर 1921 को को हुआ था। पढ़ाई में होशियार रहे वर्गीज कुरियन ने मकैनिकल और डेयरी इंजिनियरिंग में डिग्री ली। कुछ वक्‍त तक कुरियन ने जमशेदपुर में टाटा स्टील में काम भी किया है। बाद में डेयरी इंजीनियरिंग में पढ़ाई के लिए उन्‍हें भारत सरकार से स्‍कॉलरशिप मिली। इस दौरान उन्‍होंने डेयरी प्रोडक्‍शन में काम करने इसे विश्‍वस्‍तर पर ले जाने का फैसला किया।

1970 में श्‍वेत क्रांति का आगाज
साल 1970 में वर्गीज कुरियन ने ऑपरेशन फ्लड शुरू किया। इससे देश में श्वेत क्रांति का आगाज हुआ। इस दौरान उन्‍होंने भारत में डेयरी उत्पादों की सबसे बड़ी कंपनी अमूल की स्थापना भी की। अमूल की सफलता से प्रभावित होकर तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने सारे देश में अमूल मॉडल को फैलाने के लिए राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड का गठन किया। साल 1965 में स्थापित होने वाली इस संस्था का पहला अध्यक्ष वर्गीज कुरियन को ही बनाया गया। इस दौरान भारत दुग्ध उत्पादन के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा देश बन गया।

manthan movie poster & Scene.

डॉक्‍टर कुरियन पर बनी फिल्‍म ‘मंथन’
फिल्‍मकार श्‍याम बेनेगल ने वर्गीज कुरियन की जिंदगी और उनकी दुग्‍ध क्रांति को केंद्र में रखकर फिल्‍म मंथन बनाई। यह फिल्‍म 1976 में बड़े पर्दे पर रिलीज हुई और इसे खूब सराहना मिली। फिल्‍म ने दो नेशनल फिल्‍म अवॉर्ड भी जीते। फिल्‍म में गिरीश कर्नाड, नसीरुद्दीन शाह, अमरीश पुरी, स्मिता पाटिल, कुलभूषण खरबंदा ने किरदारों में जान फूंक दी थी। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें रेमन मैग्सेसे, पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया।…Next

 

Read more: 

हीरे की नीलामी ने सभी रिकॉर्ड तोड़े, कीमत और वजन ने चौंकाया

रोबोट सोफिया की पेंटिंग ने नीलामी के रिकॉर्ड तोड़े

मनुष्‍य के बाद पहली बार 9 गोरिल्‍ला को लगी कोरोना वैक्‍सीन

विश्‍व में 2 अरब लोग दूषित पानी पीने को मजबूर

सबसे ज्यादा विश्व की ऐतिहासिक धरोहरें इस देश में, जानें

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *