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ऐसा गांव जहां पेड़ों पर लग रही क्लास, टहनियों पर बैठकर पड़ते हैं बच्चे

Rizwan Noor Khan

18 Aug, 2020

 

 

 

दे में ऐसा गांव हैं जहां बच्चे स्कूल के कमरे की बजाय पेड़ों पर बैठकर पढ़ते हैं। शिक्षक भी बच्चों के साथ ही टहनियों पर बैठकर क्लास लेते हैं। पेड़ों पर पढ़ाई करते बच्चों का अनोखा नजारा इनदिनों महाराष्ट्र के एक गांव में देखा जा रहा है। वहीं, इन बच्चों के पेड़ों से गिरकर घायल होने का खतरा भी है। आइये जानते हैं आखिर क्यों बच्चों को पेड़ों पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।

 

 

 

 

नंदुरबार जिले में पेड़ों पर लगती है क्लास
महाराष्ट्र राज्य के नंदुरबार जिले के धडगाव में प्राइमरी स्कूल के शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए पेड़ों की टहनियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार गांव के बच्चों को स्कूल के कमरे में पढ़ाने की बजाय पड़ों की टहनियों पर बैठाकर उन्हें पढ़ाया जा रहा है। इन बच्चों की उम्र बेहद कम होने से इनके गिरकर चोटिल होने का खतरा है।

 

 

 

 

नेटवर्क की वजह से कक्षा में नहीं पढ़ते हैं बच्चे
रिपोर्ट के अनुसार धडगाव के स्कूली बच्चों को स्मार्टफोन के जरिए आनलाइन के साथ ही आफलाइन शिक्षा दी जा रही है। कोरोना महामारी के चलते स्टडी मैटेरियल आनलाइन उपलब्ध कराया गया है। स्टडी मैटेरियल को डाउनलोड करने और मोबाइल से पढ़ाने के लिए स्कूल की क्लास में सही से मोबाइल नेटवर्क नहीं आता है। ऐसे में पढ़ाई बाधित होती है।

 

 

 

 

 

स्टडी मैटेरियल डाउनलोड करने में दिक्कत
नेटवर्क की समस्या से बचने के लिए शिक्षक लक्ष्मण पवार ने नया तरीका खोजा है। वह पेड़ों पर चढ़कर और पहाड़ी पर जाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। क्योंकि उंचाई पर सही नेटवर्क आने से स्टडी मैटेरियल डाउनलोड करने में दिक्कत नहीं होती है। इसी वजह से बच्चों को पेड़ की ट​हनियों पर और पहाड़ी पर बैठाकर शिक्षा दी जा रही है।

 

 

 

 

बच्चों के घायल होने का खतरा
बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक लक्ष्मण पवार के जज्बे और उनके अनोखे तरीके तारीफ की जा रही है। वहीं, पेड़ों से गिरकर बच्चों के घायल होने के खतरे की आशंका भी जताई जा रही है। उप निदेशक शिक्षा प्रभागीय अधिकारी नाशिक प्रवीण पाटिल ने कहा, ‘बच्चों को जहां नेटवर्क मिलता है वहां स्टडी मेटेरियल डाउनलोड कर पढ़ाई करते हैं।’

 

 

 

बच्चों को टेक फ्रेंडली बनाने की तैयारी
उप निदेशक शिक्षा प्रभागीय अधिकारी नाशिक प्रवीण पाटिल ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों की पढ़ाई के लिए
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। जिससे बच्चे टेक्नोलॉजी से फ्रेंडली हो जाएं। उन्होंने कहा कि इसीलिए जिओ टीवी ऐप भी शुरू किया है। रेडियो चैनल महावाणी और जिओ सावन भी इसमें काफी मदद कर रहा है।…NEXT

 

 

 

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