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5 करोड़ साल पहले जीवित था दुनिया का सबसे बड़ा पक्षी, स्टडी में खुलासा 6 मीटर तक फैलते थे पंख

प्रागैतिहासिक काल में दुनिया के सबसे बड़े मांसाहारी पक्षी के जीवित होने का दावा किया गया है। जीवश्म विज्ञानियों की स्टडी में पता चला है कि इस पक्षी के पंखों का फैलाव 6 मीटर से भी ज्यादा दूर तक होता था। अंटार्कटिक प्रायद्वीप के सीमोर आइलैंड में मिले इन पक्षियों के जीवाश्म की जांच के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan 28 Oct, 2020
Image courtesy : CNN/University of California Berkeley

हड्डियों के जीवाश्म का अध्ययन
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक 1980 में कै​लीफोर्निया यूनीवर्सिटी के जीवश्म विज्ञानियों की टीम ने सीमोर द्वीप का दौरा किया था। विज्ञानियों को द्वीप पर प्रागैतिहासिक काल के दो पक्षियों के जबड़े की हड्डी, पैर, पंजों और पंखों के जीवाश्म और अवशेष मिले थे। इन अवशेषों को दशकों तक यूनीवर्सिटी के म्यूजियम में रखा गया था।

प्रागैतिहासिक काल के सबसे बड़े शिकारी
2015 में यूनिवर्सिटी के छात्र रहे पीटर क्लोशे की मांग के बाद इन अवशेषों का अध्ययन शुरू किया गया। साइंटिफिक रिपोर्ट जर्नल में सोमवार को प्रकाशित स्टडी में पीटर क्लोशे ने अवशेषों की पहचान पेलागा​र्निथिड्स पक्षियों के रूप में की है। यह प्रागैतिहासिक काल के सबसे बड़े शिकारी पक्षी हुआ करते थे, जो समुद्री इलाकों में रहते थे।

6 मीटर तक फैलते थे पंख
रिपोर्ट में बताया गया है कि यह शिकारी पक्षी अपनी लंबी चोंच, बड़े नुकीले—पैने दातों और लंबे पंखों के कारण उस वक्त के समुद्री जीवों के लिए काल बने हुए थे। ये पक्षी समंदर की मछलियों और अन्य जीवों को अपना शिकार बनाते थे। यह पक्षियों के आकार का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि इनके पंख 6.4 मीटर दूर तक फैल जाते थे। यह पक्षी कई सप्ताह तक समंदर में उड़ान भर सकते थे।

डायनासोर को खत्म करने में भूमिका
रिपोर्ट के मुताबिक पक्षियों के जीवाश्म से मिली जानकारी से यह कहा जा सकता है कि ये पक्षी उस वक्त के सबसे बड़े पक्षी हो सकते हैं। पीटर और अन्य जीवाश्म विज्ञानियों के मुताबिक पैर की हड्डी करीब 5 करोड़ साल पहले की है और जबड़े की हड्डी 4 करोड़ साल पुरानी है। विज्ञानियों का अनुमान है कि सेनोजोइक युग में उभरे इन पक्षियों ने डायनासोर को को खत्म करने में भूमिका निभाई हो।…NEXT

 

 

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