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नवंबर ने गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़े, रिपोर्ट में खुलासा 2020 तीसरा सबसे गर्म साल

आधुनिक दुनिया की तेज रफ्तार जिंदगी ने पृथ्वी को और भी तेजी से गर्म करना शुरू कर दिया है। नवंबर ने गर्म तापमान के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। पिछले वर्षों की तुलना में साल 2020 के नवंबर का तामपान ज्यादा गर्म रहा है। वहीं, साल 2020 अब तक के सबसे गर्म वर्षों की सूची में दर्ज हो चुका है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan 7 Dec, 2020
Image courtesy : CNN/AP

बढ़ते तापमान से झुलस रही पृथ्वी
बदलते परिवेश के साथ वातावरण में तेजी से गर्मी बढ़ रही है। यूरोपियन यूनियन के कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में बताया गया है नवंबर पिछले सालों की तुलना में इस बार अधिक गर्म रहा है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर इस साल के नवंबर का तापमान 1981-2010 के औसत से लगभग 0.8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।

ठंडे इलाकों में बर्फ सबसे निचले स्तर पर
रिपोर्ट में 2020 के नवंबर को अब तक सबसे गर्म नवंबर बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार उत्तरी यूरोप, साइबेरिया और आर्कटिक महासागर के एक बड़े क्षेत्र में तापमान सबसे अधिक तापमान बढ़ा देखा गया। इन इलाकों में नवंबर में समुद्री बर्फ दूसरे सबसे निचले स्तर पर रिकॉर्ड की गई।

बर्फीले आर्कटिक और साइबेरिया में बढ़ा तापमान
कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के निदेशक कार्लो बोनटेम्पो ने बताया कि नवंबर विश्व स्तर पर एक असाधारण गर्म महीना था और आर्कटिक और उत्तरी साइबेरिया में तापमान लगातार उच्च बना रहा। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, दक्षिणी अफ्रीका, तिब्बती पठार, पूर्वी अंटार्कटिका और अधिकांश ऑस्ट्रेलिया में तापमान औसत से अधिक दर्ज किया गया।

Image courtesy : CNN/GETTY

अब तक के सबसे गर्म वर्षों में 2020
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 अब तक सबसे गर्म साल होने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक 2016 और 2019 अब तक सबसे गर्म वर्ष रहे हैं। लेकिन, जो हालात बने हैं उससे कहा जा सकता है कि 2020 सबसे गर्म साल की सूची में दर्ज किया जाएगा।

जलवायु परिवर्तन के कई कारण
पृथ्वी के गर्म होने और जलवायु में परिवर्तन के कई प्रमुख कारण हैं पिछले साल आस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग समेत दुनिया के कई इलाकों के जंगल आग की लपटों में समा चुके हैं। जबकि, ज्यादातर समुद्री तट बड़े पैमाने पर कचरे और प्लास्टिक के ढरे से पटे जा रहे हैं। वहीं, बेरोकटोक पेट्रोलियम समेत ज्वलनशील पदार्थों कार्बन उत्सर्जन ने भी जलवायु को गर्म करने में बड़ी भूमिका निभाई है।…NEXT

 

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