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जिसे देखकर बना टैडी वो एनीमल अगले 30 सालों में खत्म हो जाएगा, बचाने के लिए दुनिया ने झोंकी पूरी ताकत

Rizwan Noor Khan

3 Sep, 2020

आमतौर पर छोटे बच्चों और लड़कियों को टैडी टॉय या टैडी बियर बहुत पसंद होते हैं। क्यूटनेस की वजह से यह लोगों के दिल के काफी करीब भी माने जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इन टैडीज को तीन एनीमल भालू, पांडा और कोआला से प्रेरित होकर बनाया गया है। इनमें से क्यूट कोआला एनीमल का जीवन संकट में और यह अगले 30 सालों में विलुप्त हो सकते हैं। जीवविज्ञानियों ने इन्हें बचाने के लिए सर्वोत्तम तकनीक के साथ अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

Image courtesy : Al Jazeera

आस्ट्रेलिया बुशफायर में मारे गए कोआला
आस्ट्रेलिया में सबसे बड़ी संख्या में पाया जाने वाला कोआला एनीमल अपनी क्यूटनेस के लिए दुनियाभर में सबसे पसंदीदा एनीमल में से एक है। इन्हें पेट के तौर पर लोग अपने घरों में भी रखते हैं। 2019 के आखिरी महीनों में आस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग से करीब 300 करोड़ जानवरों की जिंदगी तबाह हो गई। इनमें सबसे ज्यादा मारे गए एनीमल में कोआला भी शामिल है।

तेजी से घटती संख्या से दुनिया चिंतित
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार आस्ट्रेलिया की बुशफायर में तकरीबन 5 हजार कोआला एनीमल की मौत हो गई थी। जबकि, बड़े पैमाने पर इन्हें विस्थापित कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। इसके अलावा कम होते जंगल, क्लाइमेट चेंज, डॉग अटैक्स, कार एक्सीडेंट और बढ़ते शिकारियों के कारण कोआला एनीमल की संख्या पिछले कुछ समय में बहुत तेजी से घटी है।

1 लाख से घटकर मात्र 43 हजार बचे
आस्ट्रेलियन कोआला फाउंडेशन के मुताबिक 13 से 18 तक जिंदा रहने वाले कोआला एनीमल 4–15 किलो वजन के होते हैं। कोआला की कुल संख्या 1 लाख के आसपास थी, जो बाद के दिनों में घटकर 80 हजार रह गई। बुशफायर के बाद से आशंका जताई जा रही है कि इनकी संख्या मात्र 43 हजार के आसपास बची है। कोआला के संरक्षण के लिए आस्ट्रेलिया समेत दुनियाभर की कई वाइल्डलाइफ संस्थाओं ने सपोर्ट किया है।

Image courtesy : Al Jazeera

हाई इंफ्रारेड तकनीक से हो रही तलाश
रिपोर्ट के मुताबिक बुशफायर के बाद से कोआला को जंगल से बाहर निकलना पड़ा है। इस वजह से रोड एक्सीडेंट और डॉग अटैक्स में बड़ी संख्या में कोआला मारे गए हैं या तो जख्मी होकर बाद में मृत पाए गए हैं। कोआला को बचाने के लिए आस्ट्रेलिया सरकार ने इनके संरक्षण के लिए जंगलों में तलाश अभियान शुरू कर किया है। इसके लिए हाई इंफ्रारेड तकनीक से लैस ड्रोंस को जंगलों में उतार दिया गया है।

Image courtesy : Al Jazeera

जंगल से सु​रक्षित जगह ट्रांसफर करने का अभियान
इंफ्रारेड ड्रोन पायलट डगलस थ्रोन जंगल में कोआला को ढूंढने का मिशन चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि आग लगने के बाद से जंगल का वातावरण पहले जितना शीतल नहीं है। ऐसे में जब तापमान में बदलाव होता है तो कोआला के शेप में बदलावा होता और वह पेड़ों पर उपर तक चढ़ आते हैं। इंफ्रारेड तकनीक से इनकी पहचान कर इन्हें सुरक्षित जगह ट्रांसफर कर दिया जाता है।

2050 तक कोआला के विलुप्त होने का खतरा
WWF Australia के सदस्य डॉक्टर स्टुअर्ट ब्रेंच ने कहा कि इस वक्त जंगलों में कोआला की जिंदगी को ज्यादा खतरा है। इसलिए उन्हें नेशनल पार्क और अन्य संरक्षित इलाकों में ट्रांसफर कर हम उन्हें बचाने की कोशिशों में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह क्यूट एनीमल 2050 तक आस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स इलाके से विलुप्त हो जाएगा। हम इसे यूं जाने नहीं दे सकते हैं।…Next

 

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