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नासा के रिटायर टेलीस्कोप ने दिलाई अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ी सफलता, खगोल विज्ञानियों ने 50 नए ग्रह खोजे

Rizwan Noor Khan

31 Aug, 2020

अंतरिक्ष के क्षेत्र में खगोल विज्ञानियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। विज्ञानियों ने ब्रह्मांड में 50 नए ग्रहों की पहचान कर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। दावा है कि इतनी बड़ी संख्या में पहली बार ग्रहों का पता लगाने में कामयाबी मिली है। इस खोज को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी उप​लब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

Symbolic Image : NASA

50 नए ग्रहों की पहचान बड़ी कामयाबी
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने खगोल​ विज्ञान के क्षेत्र में मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के जरिए 50 नए ग्रहों की पहचान करने में सफलता हासिल की है। इस खोज के बाद इस तकनीक के जरिए खगोल विज्ञान के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

 

एआई और लर्निंग एल्गोरिदम मशीन से हुई खोज
ब्रिटेन की वारविक यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंटिस्ट और खगोल विज्ञानियों ने नासा के पुराने आंकड़ों का अध्ययन किया। अध्ययन के लिए खास तौर पर मशीन लर्निग एल्गोरिदम मशीन बनाई गई। इसमें आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद पुराने आंकड़ों पर शोध शुरू किया गया।

Symbolic Image : NASA

नासा के रिटायर टेलीस्कोप के पुराने डाटा का कमाल
वैज्ञानिकों ने नासा के रिटायर हो चुके केप्लर स्पेस टेलीस्कोप के 9 साल तक जुटाए गए आंकड़ों का मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के माध्यम से अध्ययन किया। नासा के पुराने आंकड़ों में एक हजार तक ग्रहों के संकेत मिलने का अनुमान पहले ही लगाया गया था। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों को 50 नए ग्रहों की पहचान करने में कामयाबी मिली।

Kepler space telescope. Image courtesy : NASA

सभी ग्रह पृथ्वी से छोटे पर कुछ नेपच्यून से बड़े
वैज्ञानिकों का अध्ययन पत्र पिछले सप्ताह मंथली नोटिस आफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में भी प्रकाशि​त किया गया था। इसमें वैज्ञानिकों के हवाले से बताया कि नासा के पुराने आंकड़ों की मदद से पहचाने गए सभी 50 ग्रह पृथ्वी से छोटे हैं। हालांकि, इनमें से कुछ नेपच्यून ग्रह से बड़े हैं।

मशीन लर्निंग और एआई तकनीक का पहली बार इस्तेमाल
वा​रविक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और अध्ययन कार्य में शामिल रहे डेविड आर्मस्ट्रांग ने कहा कि ग्रहों की खोज में इससे पहले किसी ने भी लर्निंग एल्गोरिदम मशीन तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा कि अभी भी इन ग्रहों की पहचान समेत अन्य ग्रहों को खोजने पर अध्ययन चल रहा है। वैज्ञानिकों ने आर्टीफिशियल और लर्निंग एल्गोरिदम तकनीक से भविष्य के अंतरिक्ष अभियान में बड़ी सफलता की उम्मीद जताई है।…Next

 

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