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नहीं थम रहा कौवों का मरना, मृत चिड़िया देखें तो करें ये काम, जानें बर्ड फ्लू से बचाव और इलाज

देश के कुछ हिस्सों में पिछले दिनों से बर्ड फ्लू की वजह से हजारों पक्षियों की मौत हो चुकी है। कई राज्यों में बढ़ते मामलों को रोकने के लिए मुर्गी, बत्तख आदि के आयात निर्यात पर रोक लगा दी गई है। इस बीच पशुचिकित्सकों ने अपील कि है कि मृत पक्षी दिखने पर वनविभाग को सूचना दें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वायरस मानव शरीर के लिए भी खतरनाक हो सकता है।

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan 8 Jan, 2021
Image courtesy: ANI

यूपी और हरियाणा में मृत कौवे मिले
कई राज्यों में बर्ड फ्लू से हजारों पक्षियों की मौत बीते दिनों में हो चुकी है। राजस्थान और मध्यप्रदेश में सैकड़ों कौवों की मौत हो चुकी है। जबकि, बर्ड फ्लू के खतरे को रोकने के लिए केरल में कई हजार पक्षियों को मार दिया गया है। हिमाचल प्रदेश में हजारों की संख्या में माइग्रेटरी बर्ड मर चुकी हैं। 8 जनवरी को यूपी के झांसी और हरियाणा के जींद में बड़ी संख्या में मृत कौवे मिलने से हड़ंकप मचा हुआ है।

आयात निर्यात पर 10 दिनों तक रोक
पक्षियों की मौत की वजह एवियन इंफ्लुएंजा वायरस बताया जा रहा है। हालांकि, कुछ मामलों में मृत पक्षी सामान्य फ्लू या अधिक ठंड की चपेट में आकर मरे बताए जा रहे हैं। एएनआई की रिपोर्ट के अुनसार बर्ड फ्लू के चलते राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल, केरल, हरियाणा अलर्ट पर हैं। मध्य प्रदेश, जम्मू कश्मीर समेत कई राज्यों ने मुर्गी, बत्तख व अन्य पक्षियों के आयात निर्यात पर अगले 10 दिनों तक रोक लगा दी है।

3 दिन में घटा 30 फीसदी व्यापार
बर्ड फ्लू के चलते पोल्ट्री कारोबार को भारी नुकसान हो रहा है। फॉर्म कारोबारियों समेत छोटे दुकानदार परेशान हैं। लखनऊ के एक चिकन शॉप के मालिक ने एएनआई को बताया कि पहले ग्राहक आकर रेट पूछकर सीधा खरीद लेता था। अब ग्राहक डर के कारण पहले की तरह नहीं खरीद रहा। पिछले 3 दिनों से व्यापार में 30% तक कमी आई है।

Chicken shop owner in Lucknow.

मृत पक्षी मिले तो क्या करें
यूपी में प्रयागराज के डीएफओ वाईपी शुक्ला ने बताया कि हम सभी जलाशयों पर नजर रखे हैं। अगर कहीं भी पक्षियों की भारी संख्या में मौत होती है तो उनके सैंपल को लैब में भेजते हैं। एहतियात बरतने के लिए जरूरी है कि लोग जागरूक रहें। जब भी चिड़िया को अचानक मरा हुआ देखें तो नजदीकी वन विभाग को सूचित करें। इससे संक्रमण फैलने से रोका जा सके।

YP Shukla, DFO Prayagraj.

कितना खतरनाक है एवियन इंफ्लूएंजा
पक्षियों में फैल रही एवियन इंफ्लूएंजा बीमारी एच5एन1 वायरस की वजह से है। यह बर्ड फ्लू का सबसे खतरनाक रूप माना जा रहा है। यह बीमारी पक्षियों, पालतू मुर्गियों और बत्तखों में भी पाई जाती है। एवियन एवियन इंफ्लूएंजा मनुष्यों के लिए भी खतरनाक है। इसके संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में परेशानी, उल्टी जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।

बर्ड फ्लू से बचाव और उपचार
कहीं भी मृत पक्षी मिले तो सबसे पहले वन विभाग को सूचना दें। फेस मास्क पहनें और पोल्ट्री फॉर्म या संदिग्ध इलाकों में जानें से बचें। एवियन इंफ्लूएंजा से बचाव और इसे ठीक करने के लिए एंटीवायरल दवाएं और वैक्सीन उपलब्ध हैं। इसके लक्षण सामने आने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।…NEXT

 

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