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यदि भाग्य है प्रबल

nishibansal28

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जब भाग्य प्रबल हो तो
कठिन काम बन जाते।
जिस काम में हाथ लगाते।
वो ही सब बन जाते।

भाग्य की प्रबलता पीछे
होती है उसकी दया।
जिसका ध्यान लगाकर
हृदय धरा ने सींचा।

पाण्डवों की बाधा में
मिला साथ था उसका.
जिसका ध्यान लगाकर
पावनता से पूजा।

न किसी को दिया दगा
स्नेह का बर्ताव किया
घृत लेकर किसी घर का
जलाया न निजधर दिया।

2. गुजार ले जीवन हंसकर
जिंदगियां खिलती हैं, बिखरती है
पुष्प की तरह,
पुष्प जो कली से बनता है
बढ़ता है खिलता है, डाली पर
वह डाली, जिस पर जन्म लिया
बढ़ा हुआ, खिलकर पुष्प बना
आज उसी के कारण
खड़ा सिर ताने हुये

जिन्दगी मिली है तो क्यों न
मुस्कराये पुष्प की तरह।
पुष्पों के चमन में
दोस्तों की खुशबू महकती
सदा दोस्तों के मन में।

हर तेरा दुख है मेरा
मेरा सारा सुख है तेरा
बस यही दुआ है मेरी
हँसता रहा ए दोस्त चेहरा तेरा।

 

डिस्‍क्‍लेमर: उपरोक्‍त विचारों के लिए लेखक स्‍वयं उत्‍तरदायी हैं। जागरण डॉट कॉम किसी भी तरह के दावे, तथ्‍य या आंकड़े की पुष्टि नहीं करता है।

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