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राम मंदिर के लिए निकलेगी रामराज्य रथ यात्रा, 6 राज्यों में जाएगा इतना लंबा रथ

28 साल पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवानी के नेतृत्व में 25 सितम्बर 1990 में गुजरात के सोमनाथ से एक रथ यात्रा निकाली गई थी। रथ यात्रा का उद्देश्य था विश्व हिन्दू परिषद् के राम मंदिर आन्दोलन का समर्थन करना। ऐसे में एक बार फिर से जब राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही अंतिम सुनवाई के बाद फैसला आने की संभावना है, ऐसे में एक बार फिर से रथ यात्रा निकाली जा रही है। आज से रामराज्य रथ यात्रा की शुरुआत होगी, जोकि कारसेवकपुरम् से शुरू होकर रामेश्वरम में जाकर खत्म होगी। इस रथ यात्रा को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाएंगे। रामराज्य रथ यात्रा का आयोजन श्रीराम दास मिशन यूनिवर्सल सोसाइटी कर रही है। इस रामराज्य रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य श्रीराम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण करवाना है।


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भगवान श्रीराम की यह रथ यात्रा आज लगभग दोपहर 3:00 बजे अयोध्या से रामेश्वरम के लिए निकलेगा। यह रथ में 28 फुट लंबा है और 28 खंबे लगे हुए हैं। अंदर रामजानकी और हनुमान जी की मूर्तियां विराजमान है और एक छोटा सा मंदिर भी रथ के अंदर बनाया गया है। रथ यात्रा 6 राज्यों से होते हुए 6000 किलोमीटर की दूरी तय कर कर 25 मार्च को रामेश्वरम पहुंचेगी।


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अयोध्या के तमाम संत भी इस रथ की अगवानी और विदाई में उपस्थित रहेंगे। इससे पहले संत सभा का भी आयोजन लगभग 1:00 बजे किया गया है। इस रथ यात्रा की विदाई के लिए अयोध्या कारसेवक पुरम में संतों का भारी जमावड़ा होगा। अयोध्या के मुख्य मार्ग से होते हुए भरत कुंड नंदीग्राम पर इसका पहला विश्राम होगा।


Ram Rajya Rath


इस यात्रा की पांच प्रमुख मांगे हैं, जिनमें राम मंदिर निर्माण, राम राज्य और स्कूल के पाठ्यक्रम में रामायण को शामिल किया जाना प्रमुख है। अयोध्या से शुरू हो रही इस रथयात्रा में दक्षिण भारत के प्रमुख संत स्वामी कृष्णानंद सरस्वती भी रहेंगे। यह यात्रा नंदीग्राम, इलाहाबाद, सागर, चित्रकूट, छतरपुर, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ओंकारेश्वर, त्र्यम्बकेश्वर, वाराणसी, नारायणपुर, विजयपुरा, किष्किंधा बेलारी, बंगलुरू, मैसूर, कन्नूर होते हुए 23 मार्च को रामेश्वरम पहुंचेगी। 25 मार्च को तिरुवनंतपुरम पहुंचकर समाप्त हो जाएगी।


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रथयात्रा के आयोजक इसके पीछे किसी भी राजनीतिक उद्देश्यों की बात को खारिज कर रहे हैं। यात्रा की मुख्य आयोजक ‘श्री रामदास मिशन यूनिवर्सल सोसाइटी’ के महर्षि शांता बंधी ने कहा, ‘चुनाव करीब आ रहे हैं तो इसमें हमारी क्या गलती? हम भाजपा के लिए अभियान चलाने के लिए इस यात्रा का आयोजन नहीं कर रहे हैं’। विश्व हिन्दू परिषद के लंबे समय के प्रवक्ता शरद शर्मा ने सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ‘इरादा यह है कि अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए’।…Next


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