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फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी का भारत दौरा

अभी कुछ समय पहले ही भारत में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा आए थे. अपने दौरे के दौरान उन्होंने भारत से कई करार किए और साथ ही आतंकवाद और सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए कई अहम फैसले लिए. अमेरिका के राष्ट्रपति के जाने के बाद अब भारत दौरे पर आए हैं फ्रांस के राष्ट्रपति राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी और उनकी पत्नी कार्ला सरकोजी. एक के बाद एक तमाम महत्वपूर्ण देशों के राष्ट्राध्यक्षों का भारत यात्रा करना और भारत के साथ संबंध बेहतर बनाना इस बात को जाहिर करता है कि भारत एक आर्थिक महाशक्ति तो है ही, साथ ही एक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण देश भी है और इस हैसियत से दुनिया के जटिल राजनैतिक गणित में वह खास जगह रखता है.


Nicolas-Sarkozyफ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी और उनकी पत्नी कार्ला सरकोजी की चार दिवसीय भारत यात्रा शनिवार 04 दिस्मबर 2010 से शुरू हुई. भारत दौरे से फ्रांस यहां के व्यापार में अपनी और पकड़ बनाना चाहता था. फ्रांस भारत में दो परमाणु रिएक्टरों के निर्माण और वायु सेना को 126 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के ठेके हासिल करने का इच्छुक था जिसमें से परमाणु रिएक्टरों के लिए फैसला हो चुका है.


पिछले तीन साल के भीतर सरकोजी दूसरी बार भारत आए हैं. इससे पहले वह 2008 में गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि थे. सरकोजी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के न्योते पर आए. उनके प्रतिनिधिमंडल में रक्षा और वित्त मंत्रियों सहित सात मंत्री भी शामिल हैं. दौरे से दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु और विज्ञान के क्षेत्रों में परस्पर सहयोग बढ़ने की उम्मीद है.


शनिवार को शुरु हुए अपने दौरे पर सरकोजी ने सबसे पहले इसरो का अवलोकन किया और फिर उसके बाद वह आगरा के लिए रवाना हो गए जहां वह अपनी पत्नी के साथ ताजमहल और फतेहपुर सीकरी को देखने गए. रविवार को ही दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उनके सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया.


सोमवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. भारत ने फ्रांस के साथ 4 खरब 1 अरब रुपये(130 करोड़ अमेरिकी डॉलर) मूल्य का परमाणु करार किया है. इस करार के तहत फ्रांस भारत में दो न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाएगा.


इन सब के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति सरकोजी ने भारत की सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता को जायज माना है और उसका समर्थन करने की भी बात कही है. निकोलस सरकोजी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि एक अरब की आबादी वाले देश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के शीर्ष दायरे से बाहर रखना अनुचित है. उन्होंने कहा कि स्थायी सदस्यता पाना भारत का हक है. इससे पहले प्रधानमंत्री ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की फ्रांस द्वारा निरंतर पैरवी के लिए सरकोजी का आभार व्यक्त किया. सरकोजी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के संघर्ष के प्रति भी एकजुटता व्यक्त की. उन्होंने पाकिस्तान से आतंकवादी गुटों और उनके ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा.


आज मंगलवार को सरकोजी मुबंई जाएंगे जहां वह वर्ष 2008 के मुम्बई हमले के शहीदों और मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए 26/11 स्मारक जायेंगे. उसके बाद ओबरॉय होटल में एक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, जहां मुम्बई हमले के दौरान फ्रांसीसी नागरिकों की जान बचाने के लिए ताज और ओबरॉय के प्रबंधन को सम्मानित किया जाएगा. निकोलस सरकोजी सवा दो बजे ताज होटल में एक व्यापारिक बैठक में भी हिस्सा लेंगे.


इस दौरे से भारत-फ्रांस के मध्य सबंध और मधुर होने के आसार हैं. परमाणु करार के साथ भारत को आशा है कि आने वाले समय में उसके पास बिजली की समस्या ज्यादा नहीं होगी. भारत भले ही एक बड़ी आर्थिक शक्ति है, लेकिन बुनियादी ढांचे के स्तर पर हमारे यहां बहुत काम होना बाकी है.इसके साथ ही फ्रांस को भी अपने उद्योगों व व्यापार को मंदी की मार से बाहर लाने में मदद मिलेगी.


इस तरह हम कह सकते हैं कि इस दौरे से दोनों ही देशों को बहुत फायदा होने वाला है बस डर है तो इस बात का है कि कांग्रेस के साथ जो घोटालों का भूत घूम रहा है वह कहीं परमाणु करार या अन्य किसी मामले मे नजर न आने लगे.

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