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डिफेंस एक्सपो में हिस्सा लेंगे पीएम, भारत दिखाएगा हथियार और एयरक्राफ्ट बनाने की ताकत

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिफेंस एक्सपो का उद्धाटन किया और आज पीएम मोदी भी इसका हिस्सा बनेंगे, यह पहला मौका होगा जब प्रधानमंत्री डिफेंस एक्सपो में शामिल होंगे। बता दें कि पीएम मोदी के चेन्नई दौरे के दौरान भी उनका विपक्ष के खिलाफ उपवास जारी रहेगा। इस बार डिफेंस एक्सपो में मेक इन इंडिया पर ख़ास जोर है इसीलिए पीएम मोदी आज डिफेंस एक्सपो में मेक इन इंडिया स्टॉल का उद्घाटन करेंगे। डिफेंस एक्सपो की थीम ‘भारत-उभरता रक्षा विनिर्माण हब’ है। इस दौरान रक्षा प्रणालियों और इनके कलपुर्जो के निर्यात में भारत की क्षमता को दर्शाया जाएगा। डिफेंस एक्सपो 11 से 14 अप्रैल के बीच चेन्नई के कांचीपुरम जिले के थिरुविदन्दाई में हो रहा है।

 

 

 

भारत की भव्य रक्षा प्रदर्शनी

भारत की भव्य रक्षा प्रदर्शनी तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के तिरूवेदांती में शुरू हो गयी है। प्रदर्शनी में घरेलू रक्षा कंपनियों के अलावा दुनिया भर से आई रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनियां आधुनिक हथियारों और रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं। इस बार रक्षा एक्सपो का विषय ‘भारत: रक्षा निर्माण में उभरता हुआ हब’ रखा गया है।

 

 

670 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा लेंगी 

इसमें 154 विदेशी रक्षा उत्पादकों सहित 670 से ज्यादा कंपनियां इसमें हिस्सा ले रही हैं। चार दिवसीय प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन आज पीएम केरंगे। 2016 में पहली बार डिफेंस एक्सपो का आयोजन दिल्ली से बाहर गोवा में किया गया था, तब रिकॉर्ड 44 देशों की 843 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इस साल एक्सपो पिछले एक्सपो से करीब 25% ज्यादा क्षेत्र में फैला हुआ है।

 

 

लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा

एक्सपो में भारत द्वारा निर्मित लैंड, एयर और नेवल सिस्टम का लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा। 155 एमएम एडवांस आर्टिलरी गन धनुष, तेजस लड़ाकू विमान, अर्जुन मार्क-2 टैंक, ब्रिज बनाने वाले टैंक (बीएटीज) को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है। साथ ही डीआरडीओ द्वारा निर्मित निर्भय मिसाइल सिस्टम, मानव-रहित वाहन, अस्त्र मिसाइल, लो-लेवल ट्रांसपोर्टेबल रडार, मध्यम शक्ति रडार सिस्टम, वरुणस्त्र एंटी-सबमेराइन टोरपेडो भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे।

 

 

 

भारत में 55 हजार करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों का निर्माण हुआ

रक्षा मंत्रालय के सचिव अजय कुमार ने बताया कि इस एक्सपो के जरिए देश में हो रहे रक्षा निर्माण की क्षमता को विश्व के रक्षापटल पर दिखाया जाएगा। हम रक्षा निर्माण में तेजी से उभर रहे हैं, यही वजह है कि भारत में बीते साल 55 हजार करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि हम अपने रक्षा उत्पादों को निर्यात करने की संभावनाएं भी टटोल रहे हैं।

 

 

डिफेंस एक्सपो में मेक इन इंडिया स्टॉल

डिफेंस एक्सपो भारत की कई रक्षा प्रणालियों और इसके उपकरणों के निर्माण जिसमें सेना, वायुसेना और नौसेना के लिए निर्माण और निर्यात की क्षमता पर केंद्रित होगा। डिफेंस एक्सपो में मुख्य केन्द्र हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड का देश में ही डिजाइन किया गया चौथी जेनरेशन का हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, एडवांस लाइट हेलिकाप्टर ध्रुव और डोर्नियर सिविलियन एयरक्राफ्ट शामिल होंगे। मेक इन इंडिया स्टॉल के जरिये भारत तेजस विमान के निर्यात के विकल्प भी तलाश करेगा।Next

 

 

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