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गणतंत्र दिवस पर पहली बार 10 देशों के नेता बनेंगे अतिथि, देश को होंगे ये बड़े फायदे!

इस साल भारत का गणतंत्र दिवस समारोह बेहद खास होने जा रहा है। ऐसा पहली बार है जब इस समारोह में 10 देशों के प्रतिनिधियों निमंत्रण भेजा गया है। दरअसल इसके पीछे सरकार की सोच अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की छवि मजबूत करना है। ऐसा पहली बार है जब एक साथ 10 देशों को भारत के गणतंत्र दिवस में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। इन सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रण भेजा गया है।


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1- थाईलैंड के प्रधानमंत्री जनरल प्रायुत चान-ओ

चाथाईलैंड के प्रधानमंत्री जनरल प्रायुत चान-ओ-चा पूर्व प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री यिंगलक शिनवात्रा के बाद दूसरे पीएम होंगे जो भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। ऐसे में थाईलैंड के पीएम के आने का मतलब साफ है कि, भारत और थाईलैंड के रिश्ते और मजबूत हों।


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2- म्यांमार की सर्वोच्च नेता आंग सान सू की

म्यांमार की सर्वोच्च नेता और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित आंग सान सू की को भी मुख्य अतिथि के तौर बुलाया गया है। म्यांमार की आंग सान सू फिलहाल रोहिंग्या मुसलमान के विवाद को लेकर चर्चा में थी। चीन और भारत दोनों ही म्यांमार के पड़ोसी है ऐसे में भारत खुद को म्यांमार के करीबी करना चाहता है।

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3- ब्रुनेई के सुल्तान हसनअल बोल्किया

ब्रुनेई के सुल्तान हसनअल बोल्किया को निमंत्रण भेजा गया है। इससे पहले वो 2012 में भारत आए थे, उस समय आसियान देशों का सम्मेलन था। ब्रुनेई के सुल्तान के साथ अपना रिस्ता मजबूत करके भारत एक नया संदेश देना चाहता है साथ ही व्यापार को भी बढ़ावा देना मकसद है।


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4- कंबोडिया के पीएम हुन सेन

कंबोडिया के पीएम हुन सेन भी आएंगे, उनसे पहले किंग नोरोडोम 1963 को भारत आए थे। कंबोडिया के साथ भी भारत अपने नए रिश्ते के आयाम लिखने की कोशीश में हैं ताकि उसके पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते मजबूत रहें।


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5- इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो

इंडोनेशिया के राष्ट्राध्यक्ष को तीसरी बार भारत के गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि बनने का मौका मिला है। उनसे पहले 1950 में राष्ट्रपति सुकर्णो और साल 2011 में राष्ट्रपति सुसीलो बामबांग युधोयोनो आए थे।


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6- सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सियन लूंग

सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सियन लूंग को निमंत्रण मिला है, 1954 में पूर्व प्रधानमंत्री गोह चोक टोंग भी भारत के गणतंत्र दिवस में हिस्सा ले चुके हैं। सिंगापुर खुद को नए युवा देश के तौर पर देखता है ऐस मे भारत अपने व्यापार को लेकर सिंगापुर के साथ सहज हो सकता है।


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7- मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक

मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक को भी 26 जनवरी को आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। मलेशिया के साथ भारत अपने रिश्ते को मजबूत करके एक नया आयाम लिखना चाहता है।


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8- वियतनाम के प्रधानमंत्री न्गुयेन शुयान फुक

वियतनाम के प्रधानमंत्री न्गुयेन शुयान फुक को भी भारत आने का न्यौता मिला है। चीन इससे चिढ़ सकता है क्योंकि उसे हमेशा से ही भारत और वियतनाम के संबंधों से दिक्कत रही है। 1989 में जनरल सेक्रेटरी न्गुयेन लिन्ह भी भारत आ चुके हैं।


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9- लाओस के प्रधानमंत्री थॉन्गलौन सिसोलिथ

पहली बार लाओस के किसी प्रधानमंत्री को गणतंत्र दिवस में आने का न्यौता भेजा गया है। लाओस के साथ भारत अपने व्यापार की नीति को एक नए तौर पर देखना चाहता है।


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10- फिलीपींस के राष्ट्रपति ड्रिगो दुतेर्ते


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फिलीपींस के राष्ट्रपति ड्रिगो दुतेर्ते को निमंत्रण दिया गया है। वह भारत के गणतंत्र दिवस में हिस्सा लेने वाले पहले फिलीपींस के नेता होंगे।…Next


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