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क्या भाजपा भी अरविंद से डरी हुई है ?

nitin  arvindभ्रष्टाचार और बेकाबू हो रही व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर चुके इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता अरविंद केजरीवाल जहां एक तरफ अपने विरोधियों पर हमले करके राजनीतिक रंग में दिख रहे हैं वहीं दूसरी तरफ पिछले कुछ दिनों से देश की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा अपने चिरपरिचित अंदाज में नहीं दिखाई दे रही है. जो पार्टी सरकार पर हमले करने के लिए बहाना ढूंढ़ती है और जिसने सत्ता पार्टी के नेताओं खासकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए पिछले कई महीनों से संसद को नहीं चलने दिया. वही पार्टी राबर्ट वाड्रा या फिर सलमान खुर्शीद के मुद्दे पर शांत और स्थिर क्यों दिखाई दे रही है.



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वैसे दोनों ही मुद्दों पर नजर डालें तो यह देश के लिए एक अहम मसला है कि जहां एक तरफ सोनिया गांधी के दामाद है दूसरी तरफ देश के कानून मंत्री और गौर करने वाली बात यह है कि इस दोनों मुद्दों को राजनीति में अपना पहला कदम रखने जा रहे अरविंद केजरीवाल के इंडिया अगेंस्ट करप्शन ने उठाया है. अरविंद के लिए भ्रष्टाचार का मुद्दा अहम है क्योंकि यही एक मुद्दा है जिसके सहारे वह पिछले डेढ सालों से जनता के बीच टिके हुए हैं और इसी मुद्दे के सहारे ही वह अपने राजनीतिक भविष्य को भी देखते हैं.


अरविंद केजरीवाल के बारे में ऐसा माना जाता है कि वह भ्रष्टाचार जैसे जनहित मुद्दे को किसी एक पार्टी तक रखकर सीमित नहीं करना चाहते. उनका मानना है कि देश को गर्त तक पहुंचाने में जितना सत्ताधारी पार्टी का योगदान है उतना ही विपक्षी पार्टी भी कहीं न कहीं जिम्मेदार है. अरविंद के इसी सोच की वजह से बिखर गई टीम अन्ना के कुछ सदस्य अरविंद से खफा भी थे. अरविंद के इस सोच से पिछले दो लोकसभा चुनाव में राजनीतिक जमीन तलाश रही भारतीय जनता पार्टी भी अनभिज्ञ नहीं है. उसे पता है कि आज जितनी कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों की भ्रष्टाचार और घोटाले के मुद्दे पर पूरे देशभर में आलोचना की जा रही है वही आलोचना भारतीय जनता पार्टी को भी सहनी पड़ रही है.


बीते कुछ सालों में देश को लूटने में जहां कांग्रेस ने अपना रंग दिखाया है वहीं भारतीय जनता पार्टी भी पीछे नहीं रही है. भाजपा शासित प्रदेशों में जिस तरह से भ्रष्टाचार के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं उससे पार्टी के 2014 के आम चुनाव के बाद सत्ता में आने का सपना टूटता हुआ दिखाई दे रहा है. यही नहीं कोयला और महाराष्ट्र के सिंचाई घोटाले में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं का नाम आने के बाद पार्टी जनता को मुंह भी नहीं दिखा पा रही है. भाजपा को पता है कि इस समय उनकी पार्टी की क्या स्थिति है. आज अरविंद कांग्रेस नेताओं के एनजीओ और ट्रस्ट को निशाना बना रहे हैं आगे चलकर वह बीजेपी नेताओं के भी ट्रस्ट के बही खाते को खंगालेंगे. बीजेपी को पता है कि आज जो गाज कांग्रेस पर गिर रही है वह आगे चलकर उस पर भी गिर सकती है और इसके संकेत अरविंद ने दे भी दिए हैं.


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