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FIR क्या है और इसे कैसे फाइल करें?

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1. What is FIR  Report ? or What  is First Information Report ? (FIR क्या है ?)

 

जब कभी हमारा या आस पड़ोस में किसी बात को लेकर विवाद हो जाता है या किसी गंभीर दुर्घटना हो जाती है तो हम पुलिस के पास जाते हैं और उस घटना की जानकारी देते हैंं। या फिर किसी के खिलाफ विरोध दर्ज़ कराते हैंं। इसी को FIR  कहा जाता है।

आसान शब्दों में बोले तो किसी अपराध की जानकारी पुलिस स्टेशन में देने को FIR ( First Information Report) कहा जाता है।

यदि हम और डिटेल्स में बात करे तो में बता दू की FIR के बारे में हमारे The Code of Criminal Procedure ,1973 में धारा 154 और 155 में बताई गयी है।  हमरे कानून की किताब में चाहे वो Indian Constitutions,  Indian Penal Code हो या कोई और सभी को इस प्रकार से लिखा गया है है जिसे आम आदमी समझ ही नहीं सकता इसी का लाभ कुछ पुलिस वाले उठाकर लोगों को गुमराह करते हैं.

हमारे Act की भाषा बहुत ही जटिल है जिसे समझने और न्यायालय में लड़ने के लिए वकीलो की सहायता लेनी  परती है।

 

धारा 154 {Information in cognizable case (फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट )} धारा 154 क्या है ?

 

धारा 154 के अनुसार यदि कोई संज्ञेय  अपराध की जानकरी लिख कर पुलिस स्टेशन में दी जाती है तो उसे लिख कर रिकॉर्ड  कर ली जायगी और जिसने ऐसी जानकारी दी है उसे पढ़ कर सुनाई जाएगी।  यदि कोई व्यक्ति बिना लिखे बोल कर किसी अपराध की जानकरी देता है तो ये पुलिस स्टेशन के इंचार्ज की जिम्मेदारी है की वो इस जानकारी को लिखे या किसी को लिखने के लिए बोले।

संज्ञेय  अपराध(Cognizable Offence)  वो अपराध होता है जिस पर पुलिस तुरंत अपने विवेक पर करवाई कर सकती है या जो भी उचित हो ऐसा निर्णय ले सकती है इसके लिए उसे न्यायलय की और नहीं देखना परता।

क्या FIR बिना पुलिस स्टेशन गए भी कर सकते है ?

आमतौर आम आदमी पुलिस स्टेशन जाने से डरता है इसका करण है हमारे पुलिस का आमलोगों के साथ अनुचित व्यवहार।  वो ठीक से या प्यार से बात नहीं करते और कुछ पुलिस वाले अपने पॉवर का गलत लाभ भी उठाते है।
ऐसी स्थिति में आप के मन में एक सवाल आता है की क्या FIR बिना पुलिस स्टेशन गए भी करा सकते है ? तो इसका जवाब होगा हाँ।  धारा 154(3) में ये व्यवस्था की गयी है की कोई व्यक्ति बिना गए डाक के माध्यम से FIR की सुचना देता है तो पुलिस उसे  रिकॉर्ड में लेगी और  यदि फिर किसी संज्ञेय  अपराध  को लेकर है तो उस पर कार्यवाई भी करेगी।
और अधिक जानकारी के लिए आप यह विजिट कर सकते है
डिस्क्लेमर- उपरोक्त विचारों के लिए लेखक स्वयं उत्तरदायी हैं। जागरण डॉट कॉम किसी भी दावे, तथ्य या आंकड़े की पुष्टि नहीं करता है। 

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