Menu
blogid : 28964 postid : 14

आईपीओ क्या है, विस्‍तार से जानें

Mera Hindi Blog
Mera Hindi Blog
  • 2 Posts
  • 0 Comment

आज आप को बहुत ही जानकारी भरा पोस्ट और आर्टिकल रखने वाला हु जो IPO और Stock के बारे में है। आपने कई बार IPO और Stock के बारे में सुना होगा परन्तु में यहाँ आप को सम्पूर्ण जानकारी देने जा रहा हु जहा आप अपने इंवेस्टमेंट का लगभग 80% से  90% इनकम एक ही दिन में कर सकते है।

मैं आप को बताऊंगा की आप IPO से कैसे कमा सकते है ? ( How to Earn from IPO ?) और IPO में कैसे इन्वेस्ट करे ? चलिए आज का पोस्ट और आर्टिकल शुरू करते है।

 

1. IPO  Kya  hai ?

IPO का मतलब इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (Initial Public Offering)  है। यह एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक निजी या प्राइवेट कंपनी  पहली बार जनता को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने से पहले ही अपने शेयरों की पेशकश करके सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी बन जाती है।

यानी एक निजी कंपनी अपने शेयर लोगो बेचती है जो की कंपनी के शेयरधारक बन जाते है।  इस प्रकर कोई कंपनी अपने शेयरों का व्यापार करने लग जाती है और कम्पनी पर सार्वजनिक रूप से शेयरधारकों का स्वामित्व भी हो जाता है । आईपीओ के जरिए कंपनी अपना नाम स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराती है।

जब कोई निजी कंपनी पहली बार शेयरों के रूप में जनता को प्रतिभूतियां बेचती है, तो इसे आरंभिक सार्वजनिक पेशकश के रूप में जाना जाता है।

(When a private company sells securities to public in the form of shares for the very first time, it is known as the initial public offering.)

2. कंपनियां सार्वजनिक क्यों होती हैं?

 जैसा की आप को पता होगा की  सब कही ना कही अपनी तरक्की चाहते है यानी बड़ा बनना चाहते है ठीक उसी प्रकार कोई भी कंपनी अपने व्यवसाय को और भी बड़ा बनाने के बारे में सोचेगा। इसे बड़ा बनाने के लिए, अधिक ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए, कम्पनी को एक बड़े पूंजी (इन्वेस्टमेंट)  निवेश की आवश्यकता होती है।

और इसी इन्वेस्टमेंट और पैसे को जुटाने के लिए  कोई प्राइवेट कंपनी अपने कम्पनी के शेयर बेच कर सार्वजानिक बन जाती है और लोगो से धन भी जमा हो जाता है।  निचे कुछ पॉइंट्स दे रहा हु जिसके लिए कम्पनी IPO लाती है और सार्वजानिक बन जाती है।

 आसान शब्दों में बोलू तो कम्पनी अपने व्यापर को और भी ज्यादा बढ़ाने के लिए कम्पनी के शेयर या मालिकाना हक़ बेच कर धन जुटाती है ताकि कम्पनी को आगे बढ़ाया जा सके।

3. कंपनी IPO  कैसे पेश करती है?

IPO लाने से पहले कम्पनी को कुछ नियम का प्लान करना परता है और कुछ काम करना होता है उसी के बाद एक IPO की समय निर्धारित होता है की कब लाना है।
सार्वजनिक होने से पहले एक कंपनी IPO  को संभालने के लिए एक निवेश बैंक को काम पर रखती है। निवेश बैंक और कंपनी एक समझौते  के तहत आईपीओ के वित्तीय विवरण पर काम करते हैं।
बाद में, दोनों समझौते के साथ, वे SEC के साथ पंजीकरण का एप्लीकेशन दाखिल करते हैं। SEC एप्लीकेशन में दी गयी  जानकारी की जांच करता है और यदि सही पता  है, तो यह IPO की घोषणा करने की तारीख की अनुमति देता है।

4. कोई कंपनी आईपीओ क्यों पेश करती है?

 अब बात करते है की आखिर कोई कम्पनी आईपीओ क्यों पेश करती है ?   तो इसके पीछे कई कारण और बेनिफिट होते है जो निचे में पॉइंट्स के माध्यम से बता रहा हु।
 1. पैसा जमा करने का तरीका है :

IPO लाना एक कम्पनी के लिए पैसा कमाने का साधन या तरीका है।  हम जानते है की यदि किसी कम्पनी को अपना विस्तार करना है या अपने कम्पनी के व्यवसाय को और भी अच्छा बनाने और फैलाना है तो कम्पनी को पैसे की जरूरत पड़ेगी और इतना पैसा कम्पनी द्वारा ला पाना संभव नहीं होता।

इसी पैसे की कमी को पूरा करने के लिए कम्पनी IPO के माध्यम से अपने कम्पनी के शेयर बेच कर धन को जमा करती है। इसके अतिरिक्त कम्पनी अपने व्यवसाय में सुधार करने के लिए, बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए, ऋण चुकाने आदि के लिए भी IPO लाती है।

2. कम्पनी के नाम को ब्रांड बनाने के लिए :

IPO लेन के बाद एक प्राइवेट कम्पनी सार्वजानिक बंद जाती है यानी उसका कोई भी शेयर ले कर या खरीद कर  एक आदमी उसका हिस्सेदार बन जाता है। परन्तु कोई साधारण आदमी उसी उसी कम्पनी के शेयर को खरीदता है जीसके नाम की एक ब्रांड वैल्यू होती है।

IPO के माध्यम से कम्पनी स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट होती है  और यह किसी भी कंपनी के लिए विश्वसनीयता और गर्व का विषय है।  लोगो का विस्वास बढ़ता है और लोग इसके शेयर खरीदते है।

3. अधिग्रहण और विलय  खुलता है :

जब कोई कंपनी  IPO ले आती है तो उसके लिए किसी कम्पनी को खरीदने यानी अधिग्रहण का रास्ता खुल जाता है और वही दूसरी और कम्पनी किसी अन्य कम्पनी के साथ मिल या विलय भी हो सकती है। बाजार में, एक सार्वजनिक कंपनी हमेशा अधिक स्टॉक (शेयर)  जारी कर सकती है।
4.  Type of  IPO (IPO के प्रकार):
कंपनियों द्वारा पेश किए जाने वाले आईपीओ की दो प्रमुख श्रेणियां होती है जो में निचे दे रहा हु।
  • Fixed Price Offering ( निश्चित मूल्य की पेशकश)
निश्चित मूल्य की पेशकश बहुत सीधी है। कंपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की कीमत की घोषणा पहले ही कर देती है। इसलिए, जब आप एक निश्चित प्राइस  वाले सार्वजनिक IPO में भाग लेते हैं, तो आप पूर्ण भुगतान करने के लिए सहमत होते हैं या दिया गए प्राइस पर शेयर खरीद लेते है।
  • Book Building Offering
बुक बिल्डिंग ऑफरिंग में, स्टॉक की कीमत 20 प्रतिशत बैंड में पेश की जाती है, और इच्छुक निवेशक अपनी बोली लगाते हैं।
प्राइस बैंड के निचले स्तर को फ्लोर प्राइस और ऊपरी लिमिट को कैप प्राइस कहा जाता है।   निवेशक शेयरों की संख्या और उस कीमत के लिए बोली लगाते हैं जो वे भुगतान करना चाहते हैं। यह कंपनी को अंतिम कीमत घोषित होने से पहले निवेशकों के बीच आरंभिक सार्वजनिक पेशकश के लिए रुचि का परीक्षण करने की अनुमति देता है।

5. IPO में निवेश कौन कौन कर सकता है ?

 यदि आप IPO में भाग लेना चाहते है तो इसमें कोई भी वयस्क जो कानूनी अनुबंध में प्रवेश करने के लिए सक्षम है, कंपनी के आईपीओ में आवेदन करने के लिए पात्र है। बेशक, यह जरूरी है कि आपके पास आयकर विभाग द्वारा जारी किया गया पैन कार्ड हो और आपके पास एक वैध डीमैट खाता भी हो।
ध्यान रखने की कुछ बात  
  • आईपीओ के मामले में ट्रेडिंग खाता होना आवश्यक नहीं है, केवल एक डीमैट खाता ही पर्याप्त है।
  •  अगर आप लिस्टिंग पर शेयरों को बेचना चाहते हैं तो ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होगी। यही कारण है कि जब आप पहली बार आईपीओ के लिए आवेदन करते हैं तो ब्रोकर आपको डीमैट खाते के साथ एक ट्रेडिंग खाता खोलने की सलाह देंगे।
  • यहाँ याद रखने योग्य एक महत्वपूर्ण बिंदु! जब आप किसी आईपीओ के लिए आवेदन करते हैं, तो यह ऑफर नहीं बल्कि ऑफर का आमंत्रण होता है। केवल जब आईपीओ जारीकर्ता आपको शेयरों की पेशकश करता है, तो यह एक प्रस्ताव के बराबर होता है।

 

 

डिस्क्लेमर: उपरोक्त विचारों के लिए लेखक स्वयं उत्तरदायी हैं। जागरण डॉट कॉम किसी भी दावे, तथ्य या आंकड़े की पुष्टि नहीं करता है। 

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *