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निजी संबंधों में मिठास के लिए कम इस्तेमाल करें लैपटॉप

excess use of laptopशिवानी के पति ने जब से नया लैपटॉप खरीदा है वह अपना अधिकांश समय उसी पर बिताने लगा है. शुरुआत में तो फिर भी वह सिर्फ ऑफिस का काम ही करता था, लेकिन जैसे-जैसे उसे लैपटॉप के फीचर्स समझ आने लगे वह घर लौटने के बाद शिवानी के हिस्से का भी सारा समय लैपटॉप पर ही बिताने लगा है. नई-नई साइटों को खोजने और कंप्यूटर गेम खेलने में उसका सारा समय कैसे बीत जाता है उसे खुद पता नहीं चलता. पति के ऐसे व्यवहार से शिवानी बहुत रुष्ट रहने लगी है जिसके परिणामस्वरूप उनके वैवाहिक जीवन में मनमुटाव भी पैदा हो गया है. शौक-शौक में ली हुई चीज कब जी का जंजाल बन गई उन दोनों को पता ही नहीं चला.


एक पुरानी कहावत है अति सर्वत्र वर्जयेत जिसका अर्थ है किसी भी चीज की अधिकता सही नहीं होती. भले ही आप में से कुछ लोग इस कथन को सही ना समझते हों. लेकिन उपरोक्त उदाहरण इस कथन को आधार देने के लिए काफी है. जिस लैपटॉप को उन्होंने अपना शौक पूरा करने के लिए खरीदा था, उसका अत्याधिक प्रयोग एक नशे की तरह उनके पारिवारिक जीवन को घेरे हुए है.


ब्रिटेन की एक सोशल साइट इकिआ द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण के नतीजे भी यही कहते हैं कि जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज का प्रयोग नकारात्मक ही साबित होता है. लगभग 2 लाख लोगों पर कराए गए इस शोध ने स्पष्ट रूप से यह प्रमाणित कर दिया है कि जिस विज्ञान और तकनीकों को हम मनुष्य जीवन को सहज बनाने के लिए वरदान मानते हैं, उन्हीं तकनीकों का प्रयोग अगर हम जरूरत से ज्यादा करते हैं तो वह हमारे परिवारों के टूटने का कारण भी बन सकती हैं. ब्रिटेन में अधिकांश लोग अपना समय लैपटॉप पर बिताना पसंद करते हैं. यहां तक की पति-पत्नी भी आपस में एक-दूसरे से बात करने और अपनी भावनाओं के आदान-प्रदान करने से कही ज्यादा समय लैपटॉप पर गेम खेलने और सोशल नेटवर्किंग साइटों पर गपशप करने में ही व्यतीत करते हैं.


इस सर्वे से जुड़ी मुख्य शोधकर्ता क्रिस्टीन नोर्थम का मानना है कि आधुनिक तकनीकों का इस तरह दुरुपयोग करना आपकी सेहत के साथ-साथ आपके संबंधों पर भी घातक असर डाल सकता है. एक सीमा तक यह हमारे जीवन को सहज बना सकती हैं, लेकिन अगर बिना सोचे समझे इनका प्रयोग किया जाए तो निःसंदेह यह किसी ना किसी रूप में आपको प्रभावित कर सकती हैं.


विदेशों की ही तरह भारत में भी ऐसी परिस्थितियां आम देखी जा सकती हैं. आधुनिक बनने के चलते व्यक्ति मॉडर्न तकनीकों को सीखना चाहता है और इसी चाहत में वह अपना सारा समय लगा देता है. आमतौर पर यह भी देखा जा सकता है कि जब व्यक्ति कोई नया फोन, कंप्यूटर या लैपटॉप जैसी चीजें खरीदता है तो उसके सभी पहलू जल्द से जल्द सीखने की लालसा में वह बाकी सभी चीजों को नजरअंदाज कर अपना ध्यान उसी पर लगा देता है. जिसकी वजह से वह अपने दोस्तों और परिवार वालों को समय नहीं दे पाता. परिणामस्वरूप गलतफहमियां और मनमुटाव बढ़ने लगते हैं. इसीलिए अगर आप चाहते हैं कि आपके निजी संबंध खुशहाल बने रहें तो जरूरी है कि आप अपने करीबी लोगों को दिए जाने वाले समय की अहमियत समझें. जो समय आप कंप्यूटर या लैपटॉप पर बिता देते हैं उसे अगर आप अपनी पत्नी या अभिभावकों के साथ गुजारेंगे तो निःसंदेह आपका ऐसा करना संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगा.


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