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लिखकर बयां करें इश्क का जज्बा

Love-letterएक समय था जब किसी लड़के या लड़की को अपने इश्क को बयां करने के लिए एक अच्छा सा प्रेम पत्र लिखना पड़ता था. वह अपने प्रेम पत्र में लिखता था अपने दिल की बात. एक-एक पत्र लिखने में लोग इतना समय लगाते थे अगर वह इतना समय पढ़ने में लगा देते तो शायद सभी परीक्षाओं में पास हो जाते, लेकिन यह प्यार है जिसके सामने अमृत पान भी फीका लगने लगता है.


समय बदला, प्रेम का इज़हार करने का तरीका भी बदला, कागज-कलम की जगह मोबाइल और एसएमएस ने ले ली. बहुत कुछ बदला लेकिन नहीं बदली प्रेम पत्र की महत्ता. आज भी लोग प्रेम का इजहार बोलकर नहीं बल्कि लिखकर करना पसंद करते हैं.


इंग्लैंड में हुए एक शोध से पता चलता है कि प्रेमी जोड़े प्रेम का इज़हार बोलकर करने की जगह प्रेमपत्र लिखकर अपनी भावना प्रकट करने में ज़्यादा विश्वास करते हैं.


2,137 लोगों पर किए गए एक शोध के आंकड़ों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि 61 प्रतिशत लोग अपने इश्क बयां करने या “आई लव यू कहने” के लिए प्रेमपत्र या संदेश का इस्तेमाल करते हैं जबकि केवल 22 प्रतिशत लोग बोलकर अपनी भावनाएं प्रकट करते हैं. इस शोध में यह भी पाया गया कि 68 प्रतिशत पुरुष अपनी भावनाओं का इजहार करने के लिए लिखित संदेश या प्रेमपत्र का इस्तेमाल करते हैं जबकि केवल 52 प्रतिशत महिलाएं लिखकर अपनी भावनाएं प्रकट करती है. इसके अलावा पुरुष महिलाओं की तुलना में तीन गुना प्रेमपत्र ज़्यादा भेजते हैं. शायद पुरुष महिलाओं से ज़्यादा बेचैन रहते हैं.


शोधकर्ताओं ने बताया कि प्रेमी जोड़े यह इसलिए करते हैं कि प्रेमपत्र के द्वारा भेजे गए संदेशों का असर लंबे समय रहता है, यह मनुष्य प्रवृत्ति है कि प्रेम प्रसंगों की गहराई लिखकर उन्हें ज़्यादा भावनात्मक लगती है, जिसे प्रेमी की दिल की आवाज़ कहा जा सकता है.

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