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उम्र प्यारी है तो ज्यादा देर ना बैठें !

‘उम्र को बढ़ाने के लिए तैयार हो जाएं’


raceडॉक्टर जब आपको सैर पर जाने के लिए कहते होंगे तो आप जरूर यही बोलते होंगे कि ‘डॉक्टर साहब मैं क्या करूं समय ही नहीं निकल पाता है. बहुत कोशिश करती हूं पर रात को देरी से सोने के कारण सैर पर नहीं जा पाती हूं’. कोई बात नहीं अगर आप सुबह की सैर पर जाने के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं पर सेहत अच्छी रखने के लिए ज्यादा देर बैठना बंद कर दीजिए. हैरानी हो रही होगी आपको कि ‘ज्यादा देर बैठने का सेहत से क्या नाता हो सकता है’. पर यह सच है कि अच्छी सेहत रखने के लिए ज्यादा समय तक नहीं बैठे रहना चाहिए.

अमेरिका में हुए एक शोध से पता चला है कि व्यक्ति अगर कम बैठे तो अधिक जी सकता है. शोध के मुताबिक यदि आप रोजाना दिन भर में बैठने की अवधि को अधिकतम तीन घंटे में सीमित कर लें, तो आपकी जीने की क्षमता दो साल बढ़ सकती है. इसी तरह यदि आप रोजाना टीवी देखने की अवधि को भी दो घंटे से कम में सीमित कर लें तो आपका जीवन 1.4 साल बढ़ सकता है.


स्पर्श का नाता एहसास से है

पहले भी कई अध्ययनों में पता चला है कि अधिक समय तक बैठे रहने या टीवी देखने से स्वास्थ्य खराब होता है और मधुमेह और हृदय रोग तथा दिल का दौरा पड़ने के कारण अकाल मौत की सम्भावना बढ़ जाती है.

ऑनलाइन शोध पत्रिका ‘बीएमजे ओपन’ की रिपोर्ट के मुताबिक’ अध्ययनकर्ताओं ने ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण’ परीक्षा सर्वेक्षण के लिए 2005-06 और 2009-10 में जुटाए आंकड़ों का इस्तेमाल किया. यह आंकड़े यह जानने के लिए जुटाए गए थे कि अमेरिकी कितना समय बैठकर बिताते हैं और कितने समय तक टीवी देखते हैं.


विश्लेषण से पता चला कि यदि बैठने की कुल अवधि को रोजाना तीन घंटे में सीमित कर दिया जाए, तो आपका जीवन दो साल बढ़ सकता है और इसी तरह टीवी देखने की अवधि को भी दो घंटे से कम किया जाए तो आपका जीवन 1.38 साल बढ़ सकता है.


सेहत के लिए ‘समय’ का हिस्सा होना ही चाहिए

चाहे आज हमारी रोजमर्रा की जिन्दगी कितनी भी व्यस्त क्यों ना हो पर हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अच्छी सेहत के लिए अपने समय में से कुछ समय सैर को देना चाहिए. कुछ चीजों को अपनी रोजमर्रा की जिन्दगी का हिस्सा बना लेना चाहिए जिससे कि इस जीवन की गाड़ी में कभी भी रुकावट ना आए और जहां तक जीवन की गाड़ी की मंजिल है वहां तक पहुंच जाए.

मेरे घर के आगे मोहब्बत लिखा है



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