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थोड़ा झगड़ा भी जरूरी है!!

wifeदांपत्य जीवन में छोटे-मोटे झगड़े होना स्वाभाविक सी बात है. यह माना जाता है कि पति-पत्नी में होने वाले मनमुटाव उन्हें एक-दूसरे के और नजदीक लाने में सहायक सिद्ध होते हैं. लेकिन हर बार ऐसा ही हो यह बिलकुल जरूरी नहीं है क्योंकि कभी-कभार फिजूल और बेवजह के दिखने वाले यह झगड़े इतना गंभीर मोड़ लेते हैं कि परिस्थितियां धीरे-धीरे कर आपके हाथ से निकलती रहती हैं. कोई भी व्यक्ति अपने वैवाहिक जीवन में कलह नहीं आने देना चाहता लेकिन इसे उनकी नासमझी कहें या फिर उपेक्षित व्यवहार कि वह आपसी दरार और बढ़ते फासले को समझ ही नहीं पाते.


लेकिन अगर आप अपने संबंध के प्रति गंभीर हैं और अपने जीवन में खुशहाली बनाए रखना चाहते हैं तो निम्नलिखित बिंदु, जो भले ही आपको अविश्वसनीय लगें, इस काम में आपके लिए सहायक अवश्य सिद्ध हो सकते हैं:



1. दिन का समय – पुरुषों को चाहिए कि वह दिन के समय अपनी पत्नी से किसी भी प्रकार का झगड़ा ना करें. एक नए अध्ययन ने यह दावा किया है कि मध्य दोपहरी के समय महिलाओं के किसी भी प्रकार की बहस और झगड़े को जीतने की संभावना सबसे अधिक रहती है. आप चाहे अपनी जगह सही हों या गलती आपकी पत्नी की हो, दोपहर के समय अपनी पत्नी से झगड़ा होने पर आप उनसे नहीं जीत सकते.

2. बारी-बारी से हारना – विशेषज्ञों का कहना है कि अविवाहित जोड़े की अपेक्षा विवाहित दंपत्ति में यह प्रवृत्ति अधिक देखने को मिलती है कि वह अगर पिछली बहस में अपने साथी को गलत साबित कर चुके होते हैं तो वह अपने नए झगड़े में उसे जीतने का मौका देते हैं. इसीलिए अगर पिछली बार आपके साथी ने आपको सॉरी बोला था तो समझ जाइए इस बार बारी आपकी है.

3. छुट्टियों पर जाने के दौरान झगड़ा – ऐसा माना जाता है कि अगर आप अपने जीवनसाथी के साथ लंबी छुट्टी पर जाते हैं तो यह आप दोनों को नजदीक लाने में सहायक होता है. आप तनावमुक्त रहकर एक-दूसरे के साथ समय बिता सकते हैं और अपनी सभी गलतफहमियों को दूर कर सकते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि छुट्टी पर जाने वाले अधिकांश विवाहित जोड़े वहां भी झगड़ा करना बंद नहीं करते. एक सर्वेक्षण की मानें तो उनकी यह बहस ट्रिप की शुरूआत में ही प्रारंभ हो जाती है. सर्वेक्षण में शामिल आधे से ज्यादा दंपत्तियों में झगड़ा इस बात पर होता है कि वह घूमने के लिए कौन सी जगह का चुनाव करें. वहीं 37% लोग घूमने जाने के लिए बुकिंग कैसे और कहां से करवाएंम, इस बात को लेकर बहस शुरू हो जाती है. वह एक साथ कितना समय बिताएंगे या पैसा कितना खर्च होगा, उनकी बहस का सबसे बड़ा कारण बनता है. पति का शराब पीना और पत्नियों का दूसरे लोगों में ज्यादा दिलचस्पी लेना उनके झगड़े को और अधिक बढ़ा देता है.


वैसे सामान्य तौर पर देखा जाए तो पति-पत्नी में झगड़ा होना कोई बहुत बुरी बात नहीं है. विशेषज्ञ तो यह साफ कहते हैं कि अगर आप सप्ताह में एक बार बहस करते हैं तो यह आपके संबंध को और मजबूत बनाता है. इतना ही नहीं भारत के लगभग 44% विवाहित जोड़े तो यह भी स्वीकारते हैं कि कभी-कभार होने वाला झगड़ा आपके लिए जरूरी भी है. इससे आपको यह पता चलता है कि आपके साथी को क्या चीज पसंद है और क्या नहीं. इसके अलावा आप अपने साथी के सभी बुरे और अच्छे पहलुओं को समझ पाएंगे.

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