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संबंधों का टूटना-बिगड़ना आपके वजन को भी प्रभावित करता है

break upहाल ही में हुए एक अध्ययन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वैवाहिक संबंध का टूटना या जुड़ना जितना आपको मानसिक और भावात्मक रूप से प्रभावित करता है उतना या उससे कहीं ज्यादा आपका वजन भी इससे प्रभावित होता है. लेकिन सबसे मुख्य बात यह है कि जहां महिलाओं का वजन विवाह के बाद बढ़ता है और पुरुषों का कम होता है, वहीं संबंध विच्छेद या तलाक होने के बाद यह परिस्थितियां उलट जाती हैं.


हालांकि पहले भी ऐसे शोध किए जा चुके हैं जिन्होंने यह प्रमाणित किया था कि वैवाहिक संबंधों में उतार-चढ़ाव व्यक्तियों के खान-पान और उनके वजन को भी प्रभावित करता है. लेकिन अमेरिका की ओहिओ स्टेट यूनिवर्सिटी (Ohio  state university, America) द्वारा कराया गया यह नवीनतम सर्वेक्षण अपने आप में अनोखा और हैरान कर देने वाला है. पहली बार किसी शोध द्वारा यह स्थापित किया गया है कि संबंधों का बनना-बिगड़ना लिंग के आधार पर कैसे आपके वजन और कमर के माप को प्रभावित कर सकता है.


शोधकर्ताओं ने लगभग 10,000 लोगों को अपने सर्वेक्षण का आधार बना कर यह निष्कर्ष निकाला कि अगर किसी व्यक्ति का 30 वर्ष की आयु के बाद शादी या तलाक होता है तो ऐसे हालातों में उसे वेट-शॉक लगता है जिसके परिणामस्वरूप ना चाहते हुए भी वजन में उतार-चढ़ाव होने लगता है. वहीं 30 की उम्र में अगर कोई व्यक्ति अविवाहित है या फिर किसी की शादी 20-30 के बीच हो जाती है तो उनमें वजन के बढ़ने जैसी परिस्थितियां कम ही देखी जा सकती हैं. हालांकि वैज्ञानिकों ने इस बात से भी इनकार नहीं किया है कि अधिकांश व्यक्ति जो अपनी सेहत और वजन को लेकर सचेत रहते हैं उनके किसी भी प्रकार के वेट-शॉक से ग्रस्त होने की संभावनाएं कम होती हैं. लेकिन अपने शोध में वह इस बात का पता नहीं लगा पाए हैं कि मनुष्य के वजन घटने और बढ़ने के कारण क्या हैं?


यद्यपि यह शोध विदेशी लोगों पर आधारित है तो संभवत: इसके परिणाम भी उन्हीं की सोच और मानसिकता को प्रदर्शित करते हैं. जब वैज्ञानिक भी उनके वजन के बढ़ने और घटने का कारण नहीं जान पाए तो यहां उनकी बात करना तो व्यर्थ है लेकिन अगर भारत के संदर्भ में इस शोध को देखें तो यह बात स्पष्ट हो जाती है कि भारतीय महिला और पुरुष अपने संबंधों के विषय में ज्यादा गंभीर होते हैं. विशेषकर वैवाहिक संबंध तो सभी के जीवन में यह बहुत अहम महत्व रखते हैं. व्यक्ति विवाह से पहले चाहे कितना ही फ्लर्ट और प्लेबॉय टाइप क्यों ना हो आमतौर पर देखा जाता है कि वह विवाहोपरांत अपने साथी के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध और केन्द्रित हो जाता है. खासतौर पर महिलाएं अपनी शादी के बाद पति के साथ को लेकर संतुष्ट और आश्वस्त हो जाती हैं. वह अपनी खूबसूरती और वजन के ऊपर ध्यान देना छोड़ देती हैं. उन्हें लगता है अब उन्हें किसी को आकर्षित करने की आवश्यकता नहीं है. लेकिन संबंधों के टूटने पर वह मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित होती हैं जिसका सीधा असर उनके खान-पान और जीवनशैली पर पड़ता है जिसकी वजह से उनका वजन घटने लगता है. लेकिन वर्तमान हालातों के मद्देनजर तलाक के बाद वजन घटने और पहले जैसी सेहत के प्रति रुझान होने का एक कारण यह भी हो सकता है कि अब महिलाएं भी आत्म-केन्द्रित, स्वावलंबी, स्वतंत्र होने के साथ-साथ आशावादी हो गई हैं. वह किसी बुरे किस्से पर पूरी उम्र रोने से अच्छा उसे भूलकर आगे बढ़ना ही बेहतर समझती हैं. जिसकी वजह से वह फिर से अपनी ओर ध्यान देने लगती हैं. लेकिन पुरुषों में शादी के बाद वजन का घटना और तलाक के बाद उसका बढ़ना थोड़ा हैरान करने वाला है. इसके पीछे के कारणों को जानने के लिए संभवत: हमें आगे आने वाले सर्वेक्षणों का इंतजार करना पड़ेगा.


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