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थोड़ी-थोड़ी पिया करो !!

drinking alcoholवैसे तो हम सभी यह जानते हैं कि शराब आदि का सेवन स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है. वे लोग जो रोजाना शराब पीते हैं उनके लीवर पर बहुत गहरा असर पड़ता है और समय के साथ-साथ उनका शरीर बेहद कमजोर होता चला जाता है. लेकिन कभी मॉडर्न लाइफस्टाइल की मांग तो कभी दोस्तों के साथ पार्टी का बहाना बनाते हुए एल्कोहल का सेवन कर लिया जाता है.


कुछ लोग इस नशे के आदी होकर रोजाना शराब पीने लगते हैं. उन्हें इस बात से कोई अंतर नहीं पड़ता कि अत्याधिक शराब पीने से उन्हें कितने दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है. वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ओकेजनली पीने में विश्वास रखते हैं, जैसे किसी पार्टी, त्यौहार या फिर समारोह में. वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सप्ताह की थकान मिटाने के लिए प्रत्येक विकेंड पर दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करते हैं और बिना सोचे-समझे धड़ल्ले से शराब पीते हैं. उन्हें इस बात का अफसोस भी नही होता कि एक ही दिन में उन्होंने अपने शरीर में कितना एल्कोहल भर लिया है.


अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो भले ही रोजाना नहीं पीते लेकिन विकेंड पर बहुत ज्यादा एल्कोहल का सेवन कर लेते हैं तो आपको अपेक्षाकृत अधिक सावधान रहने की जरूरत है.


पिछले दिनों ब्रिटिश मेडिकल जरनल की एक रिपोर्ट में यह बताया गया कि जो लोग एक सप्ताह में एक या दो बार ड्रिंक करते हैं उन लोगों को हार्ट अटैक का खतरा बहुत ज्यादा होता है, बजाय उनके जो रोजाना एल्कोहल लेते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना ड्रिंक करने वालों में ब्लडप्रेशर भले ही ज्यादा रहता है , लेकिन उनमें कोलेस्ट्रॉल का लेवल नियंत्रित रहता है, विकेंड पर पीने वाले लोग इतनी ज्यादा पी लेते हैं कि उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है.


नेशनल इंस्टिट्यूट ऑन अल्कोहल एब्यूज के अनुसार, पांच व उससे ज्यादा पैग पीने से ब्लड अल्कोहल 0.08 फीसदी बढ़ जाता है.


शराब पीने के बाद कुछ समय के लिए आप उसके नशे में खो जाते हैं इसीलिए कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपनी परेशानियां और गम भुलाने के लिए पीते हैं. उन्हें लगता है पीने के बाद सब ठीक हो जाएगा, जबकि सच यह है कि पीने के बाद कुछ ठीक नहीं होता बल्कि आप खुद को और अधिक कमजोर प्रमाणित करते हैं. शराब पीना किसी समस्या का हल नहीं हो सकता इसीलिए एक समझदार व्यक्ति को अपने इस नशे की आदत को मजबूरी का नाम नहीं देना चाहिए. एल्कोहल के कारण शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है और अंत में महत्वपूर्ण अंग इससे प्रभावित होकर काम करना बंद कर देते हैं. अगर आप पीने की आदत को छोड़ नहीं सकते तो जितना कम कर सकें जरूर करें. प्राय: देखा जाता है कि जो लोग रोज पीते हैं, उनका परिवार भी इस आदत के कारण परेशान रहने लगता है. अपने बेहतर भविष्य के लिए शराब का सेवन घटाना या उसे पूर्ण रूप से त्याग देना ही एक बेहतर और शायद एकमात्र विकल्प है.


एल्कोहल के दुष्प्रभाव

एल्कोहल लेने से लीवर के साथ-साथ हार्ट और पेन्क्रियाज को भी नुकसान पहुंचता है. इसके अलावा कैंसर की संभावना भी बहुत अधिक बढ़ जाती है. एल्कोहल सीधा दिमाग पर असर डालता है. हाई पल्स रेट, हैवी ब्रीथिंग, हैंगओवर और मैमोरी लॉस जैसी दिक्कतें भी सामने आती हैं. वहीं, इमोशनल तौर पर डिप्रेशन, रिएक्शन टाइम में कमी आना, बिहेवियर का बैलेंस ना रहना आदि परेशानियों से जूझना पड़ता है.


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