Menu
blogid : 25396 postid : 1366955

महिलाओं की छोटी सी चाह

सुनो दोस्तों

सुनो दोस्तों

  • 51 Posts
  • 3 Comments

छोटी सी चाह महिला की

*****************************

नवरात्रि तीजा करवाचौथ वटपूजा

संतान सप्तमी

इन त्योहारों में

मायके से आये कपड़े गहने

तो शामिल हो सकते हैं

मायका नहीं |

पति संतान और वंश के

प्राकर्ष से दीप्त उदीप्त

दिवसों में

मायके का कोई

अपभ्रंश भी नहीं |

महिला इस पर

हाथ नहीं मलती |

इन त्योहारों के दिनों में

पुरुष न सही अच्छे

पर सहनशील होते हैं |

+

महिला दिवस पर

स्त्री की सहनशीलता की

विज्ञापनी दुहाइयां

न स्त्री को भाती है

न कलम को

कलम तो आजकल

स्त्रियों की अँगुलियों में

पौराणिक काल से

कुछ अधिक समय बिताती है |

+

स्त्री जानती है

चुनौतियां लेने और देने के

गूढार्थ

उसकी सहनशीलता में रमे

सहन और शील के सन्दर्भ में

शब्दकोष की मर्यादा से

बाहर होते हैं

जो केवल और केवल

पुरुषों के मन में

मंशा के अनुसार घटते बढ़ते हैं |

+

महिला चाहती है

राखी की भाँति

नए पर्वों का आविष्कार

जिनमें

मायके ससुराल और सखी सखाओं

के मोद आनंद का हो नवोन्मेष |

+

स्मरण रखे पुरुष के

चन्द्रहास खडग

कि

नारी की ग्रीवा से

पथ

समरभूमि की ओर नहीं

नर-नारी की जन्मभूमि की ओर जाता है |

********************************

 

डिस्क्लेमर: उपरोक्त विचारों के लिए लेखक स्वयं उत्तरदायी हैं। जॉगरण डॉट कॉम किसी तथ्य, दावे या आंकड़े की पुष्टि नहीं करता है।

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *